Raja Raghuvanshi Murder Case Timeline: हनीमून से हत्या और सुप्रीम कोर्ट तक, ऐसे खुला राजा रघुवंशी हत्याकांड का पूरा राज

23 मई 2025 को लापता हुआ था दंपति, 2 जून को खाई से मिला राजा का शव; अब सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर तीन सप्ताह में सरेंडर का दिया आदेश

Raja Raghuvanshi murder case timeline and Sonam Raghuvanshi Supreme Court bail decision
राजा रघुवंशी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर तीन सप्ताह में सरेंडर का निर्देश दिया।

नई दिल्ली/अमर भारती। इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या का मामला साल 2025 के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा। शुरुआत में यह मामला हनीमून के दौरान एक नवविवाहित दंपति के रहस्यमय ढंग से लापता होने का लग रहा था। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस की जांच का शक राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह तक पहुंचा। पुलिस ने बाद में इसे कथित तौर पर पहले से रची गई हत्या की साजिश बताया।

इस मामले में गिरफ्तारी, पूछताछ, चार्जशीट, जमानत और अदालतों में चली कानूनी लड़ाई के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले ने केस को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई 2026 को सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर दी और उसे तीन सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि यदि छह महीने के भीतर ट्रायल में पर्याप्त प्रगति नहीं होती है तो सोनम नए सिरे से जमानत के लिए आवेदन कर सकती है।

आइए जानते हैं राजा रघुवंशी हत्याकांड की पूरी टाइमलाइन…

11 मई 2025: इंदौर में हुई राजा और सोनम की शादी

राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को मध्य प्रदेश के इंदौर में हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए।

20 मई 2025: हनीमून के लिए मेघालय रवाना

शादी के बाद राजा और सोनम मेघालय पहुंचे। दोनों ने राज्य के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर घूमने का प्लान बनाया था।

22 मई 2025: सोहरा पहुंचे दंपति

22 मई को दोनों मेघालय के सोहरा यानी चेरापूंजी पहुंचे। वे नोंगरियाट गांव स्थित प्रसिद्ध डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज देखने गए और इसके बाद एक होमस्टे में रात बिताई।

23 मई 2025: आखिरी फोन कॉल और रहस्यमय गुमशुदगी

23 मई की सुबह दोनों ने होमस्टे से चेकआउट किया। दोपहर करीब 1:43 बजे सोनम ने अपनी मां से आखिरी बार फोन पर बात की। इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए। इसी दिन राजा और सोनम रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। परिवार से संपर्क टूटने के बाद दोनों की तलाश शुरू की गई।

24 मई 2025: लावारिस मिली किराये की स्कूटी

अगले दिन दंपति की किराये की स्कूटी सोहरा-शिलांग मार्ग पर लावारिस हालत में मिली। इसके बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तलाश अभियान शुरू किया।

25 मई से 1 जून 2025: जंगलों और खाइयों में चला सर्च ऑपरेशन

राजा और सोनम की तलाश में मेघालय पुलिस के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी जुटीं। कई दिनों तक जंगलों, पहाड़ी इलाकों और गहरी खाइयों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। शुरुआत में पुलिस ने अपहरण, हादसा, लूट और अन्य संभावित एंगल से जांच की। उस समय तक यह स्पष्ट नहीं था कि दंपति के साथ वास्तव में क्या हुआ था।

2 जून 2025: गहरी खाई से मिला राजा का शव

2 जून को वेई सावडोंग फॉल्स के नीचे एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ। शव की पहचान हाथ पर बने टैटू के आधार पर की गई। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया। इस समय तक सोनम रघुवंशी का कोई पता नहीं चला था।

3 से 7 जून 2025: घटनास्थल से मिले अहम सुराग

जांच के दौरान घटनास्थल से महिला की शर्ट, मोबाइल फोन का टूटा हुआ हिस्सा, दवा का रैपर, स्मार्टवॉच और अन्य सामान बरामद किए गए। इसी दौरान एक स्थानीय गाइड ने दावा किया कि उसने राजा और सोनम को तीन अज्ञात युवकों के साथ देखा था। इस बयान के बाद पुलिस की जांच की दिशा बदल गई और हत्या में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच शुरू हुई।

9 जून 2025: सोनम और कथित सुपारी किलरों की गिरफ्तारी

9 जून 2025 को सोनम रघुवंशी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से हिरासत में लिया गया। मेघालय पुलिस ने दावा किया कि सोनम ने खुद सरेंडर नहीं किया, बल्कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उसे पकड़ा गया। इसी दौरान मध्य प्रदेश से तीन कथित सुपारी किलरों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोप लगाया कि राजा की हत्या की साजिश सोनम और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह ने रची थी।

जून-जुलाई 2025: पूछताछ और सबूत जुटाने का दौर

सोनम को मेघालय ले जाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने अदालत से रिमांड हासिल की और मामले से जुड़े डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक और फोरेंसिक सबूत जुटाए। जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, कथित गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को शामिल किया गया। पुलिस का दावा रहा कि राजा की हत्या कथित तौर पर पहले से बनाई गई साजिश के तहत की गई और इसके लिए कथित तौर पर सुपारी किलरों का इस्तेमाल किया गया।

2025 के अंत से 2026: चार्जशीट और ट्रायल

जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने मामले में आरोपपत्र यानी चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद मामले की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में शुरू हुई। पुलिस ने अपनी जांच में कथित साजिश, आरोपियों के बीच संपर्क, डिजिटल साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को अहम आधार बताया। वहीं, सोनम और उसके परिवार ने खुद को निर्दोष बताते हुए जांच पर सवाल उठाए और कई मौकों पर सीबीआई जांच की मांग भी की।

अप्रैल 2026: ट्रायल कोर्ट से मिली जमानत

अप्रैल 2026 में ट्रायल कोर्ट ने तकनीकी और कानूनी आधारों पर सोनम रघुवंशी को सशर्त जमानत दे दी। अभियोजन पक्ष ने इस फैसले का विरोध किया। जमानत से जुड़े दस्तावेजों में कथित तकनीकी गलतियों और गिरफ्तारी के आधार से जुड़े मुद्दों को लेकर भी अदालत में बहस हुई।

29 जून 2026: मेघालय हाईकोर्ट ने जमानत बरकरार रखी

मेघालय हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के जमानत आदेश को बरकरार रखा। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस दस्तावेजों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) की जगह धारा 403(1) लिखे जाने जैसी कथित गलतियों पर सवाल उठाए। इसके बाद मेघालय सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

1 जुलाई 2026: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

मेघालय सरकार ने हाईकोर्ट के जमानत आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सरकार की ओर से जमानत रद्द करने की मांग की गई।

3 जुलाई 2026: सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल जमानत पर रोक नहीं लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के आदेश पर गंभीर सवाल उठाए, लेकिन उस समय तत्काल जमानत पर रोक नहीं लगाई, क्योंकि सोनम पहले ही जेल से बाहर आ चुकी थी। अदालत ने मामले की विस्तृत सुनवाई आगे जारी रखी।

23 जुलाई 2026: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की सोनम की जमानत

23 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की अपील स्वीकार करते हुए सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत रद्द कर दी। अदालत ने उसे तीन सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत या पुलिस के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि छह महीने के भीतर ट्रायल में पर्याप्त प्रगति नहीं होती है तो सोनम नए सिरे से जमानत के लिए आवेदन कर सकती है। अब मामले की सुनवाई नियमित ट्रायल के जरिए आगे बढ़ेगी।

जांच में पुलिस के प्रमुख दावे

पुलिस की जांच के अनुसार:

  • राजा रघुवंशी की हत्या कथित तौर पर हनीमून के दौरान रची गई साजिश के तहत की गई।
  • पुलिस ने सोनम के कथित प्रेमी राज कुशवाह को कथित साजिश का मुख्य सूत्रधार बताया।
  • हत्या के लिए कथित तौर पर सुपारी किलरों की मदद लेने का आरोप लगाया गया।
  • सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और डिजिटल एवं फोरेंसिक साक्ष्यों को जांच का आधार बनाया गया।
  • सोनम और उसके परिवार ने आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया और जांच पर सवाल उठाए।

हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। अदालत में चल रहे ट्रायल के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष अपने-अपने साक्ष्य और दलीलें पेश करेंगे।

अब आगे क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद सोनम रघुवंशी को अदालत के निर्देश के अनुसार तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करना होगा। इसके बाद वह न्यायिक हिरासत में जा सकती है और राजा रघुवंशी हत्याकांड का ट्रायल आगे बढ़ेगा। अदालत ने यह भी कहा है कि यदि छह महीने के भीतर ट्रायल में पर्याप्त प्रगति नहीं होती है तो सोनम नए सिरे से जमानत के लिए आवेदन कर सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोनम के दोषी या निर्दोष होने का अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। यह निर्णय ट्रायल कोर्ट द्वारा पेश किए जाने वाले साक्ष्यों, गवाहों और कानूनी दलीलों के आधार पर किया जाएगा।

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