
पंकज चतुर्वेदी
बाराबंकी। जैदपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड सिद्धौर अंतर्गत ग्राम पंचायत सैदनपुर पोरई में आयोजित ऐतिहासिक नाग देवता मेले का शुभारंभ सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने विधिवत पूजा-अर्चना एवं फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया। नाग देवता मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद राज्यमंत्री ने प्रदेश और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए मेले का औपचारिक उद्घाटन किया।
धार्मिक आयोजन हमारी परंपराओं की पहचान: सतीश शर्मा
राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि धार्मिक मेले भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता के सशक्त प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन न केवल हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखते हैं, बल्कि समाज में भाईचारे, सद्भाव और एकता का संदेश भी देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने सैदनपुर पोरई के नाग देवता मेले को क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बताते हुए कहा कि यहां दूर-दराज के गांवों से श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए भविष्य में हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
धार्मिक मेले सामाजिक एकता और स्थानीय व्यापार को देते हैं बढ़ावा: दिनेश रावत
हैदरगढ़ विधायक दिनेश रावत ने कहा कि धार्मिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मेले सामाजिक एकता को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करते हैं। विधायक ने श्रद्धालुओं से मेले की गरिमा बनाए रखने और आपसी सौहार्द कायम रखने की अपील की।
अतिथियों का हुआ स्वागत, मेले में दिखी रौनक
कार्यक्रम के दौरान संतोष कुमार शुक्ला शास्त्री, नीरज वर्मा, पवन मिश्रा, दीपेंद्र मिश्रा, उत्तम मिश्रा, रामकुमार मिश्रा, बिंद्रा वर्मा, मनीष यादव, अम्बरीष रावत (पूर्व प्रत्याशी, जैदपुर) तथा भाजपा जिला उपाध्यक्ष बृजेश रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। उद्घाटन के बाद अतिथियों ने मेले का भ्रमण कर विभिन्न दुकानों, झूलों और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मेले में बच्चों के लिए आकर्षक झूले, खिलौनों की दुकानें, मिठाइयों एवं स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे, जबकि श्रद्धालुओं ने नाग देवता के दर्शन कर परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
श्रद्धालुओं की सुविधा के रहे पुख्ता इंतजाम
आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन भी पूरे समय मुस्तैद रहा, जिससे मेले में शांति एवं व्यवस्था बनी रही। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। दिनभर ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार सहित मेले में पहुंचे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर मेले का आनंद उठाया।
वर्षों पुरानी परंपरा, आस्था और संस्कृति का संगम
क्षेत्रवासियों ने बताया कि सैदनपुर पोरई का नाग देवता मेला वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जो प्रत्येक वर्ष सावन मास में श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया जाता है। यह मेला केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक मेल-मिलाप, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय परंपराओं को सहेजने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। श्रद्धालुओं के उत्साह, जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता और भव्य आयोजन ने इस वर्ष के नाग देवता मेले को यादगार बना दिया।