राहुल गांधी के 5 बड़े बयान जिन पर लोकसभा में छिड़ गई तीखी बहस

लोकसभा में राहुल गांधी बनाम बीजेपी, RSS और अमित शाह पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद

लोकसभा में राहुल गांधी के आरोप पर हंगामा
लोकसभा में राहुल गांधी के आरोपों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में राहुल गांधी के आरोप बुधवार को चर्चा का केंद्र बन गए। पेपर लीक से जुड़े ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के आंदोलन, RSS और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र किया। उनके बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और कुछ शब्दों को असंसदीय बताते हुए कार्यवाही से हटाने की मांग की।

राहुल गांधी के आरोप: छात्रों के आंदोलन से भाषण की शुरुआत

लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों के विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सड़कों पर युवाओं की अभिव्यक्ति गुस्से, हिंसा या नफरत की नहीं थी, बल्कि देश की आने वाली पीढ़ी की भावनाओं का प्रदर्शन थी।

राहुल गांधी ने एक छात्रा के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए बताया कि छात्र वह होता है जो खुले मन से सीखता है और यह स्वीकार करता है कि उसे सब कुछ नहीं पता। इसी संदर्भ में उन्होंने एक ऐसे वर्ग का भी उल्लेख किया, जिसे लेकर बाद में सदन में विवाद खड़ा हो गया।

असंसदीय शब्द को लेकर सत्ता पक्ष की आपत्ति

राहुल गांधी के आरोप और भाषण के दौरान इस्तेमाल किए गए एक शब्द पर बीजेपी सांसद और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई। उन्होंने राहुल गांधी से अनुरोध किया कि वह उस शब्द का इस्तेमाल न करें।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि उस शब्द को संसदीय कार्यवाही से हटा दिया जाए। हालांकि राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा है जिसे असंसदीय माना जाए।

बाद में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सदन में व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

RSS को लेकर भी की टिप्पणी

अपने भाषण में उन्होने आरोप RSS तक भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान एक प्रतीक हैं और युवाओं का असली विरोध RSS से है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि RSS युवाओं को छात्र बनने के बजाय अंधभक्त बनाना चाहती है।

उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और भारत की आत्मा की प्रतिक्रिया यह है कि वे किसी भी हालत में अंधभक्त नहीं बनना चाहते। इस टिप्पणी के बाद सत्ता पक्ष की ओर से विरोध दर्ज कराया गया।

अमित शाह को लेकर भी लगाया आरोप

दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी आरोप लगाए।

हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जिस विधेयक पर चर्चा हो रही है, उससे संबंधित मंत्री सदन में मौजूद हैं और गृह मंत्रालय का उससे कोई संबंध नहीं है।

किरेन रिजिजू ने भी बयान पर आपत्ति जताई और कहा कि नेता प्रतिपक्ष को तथ्यों के आधार पर गंभीरता से अपनी बात रखनी चाहिए।

बीजेपी नेताओं ने क्या प्रतिक्रिया दी?

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संसद परिसर के बाहर राहुल गांधी के आरोपों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सदन में ऐसा बयान दिया गया जिसकी वह निंदा करते हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि राहुल गांधी ने विधेयक और बहस के मूल विषय पर बात नहीं की और उन्हें अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।

वहीं कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के नियंत्रण में काम करती है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप लगाए गए हैं तो गृह मंत्री को सदन में आकर अपना पक्ष रखना चाहिए।

पक्ष और विपक्ष आमने-सामने

लोकसभा में राहुल गांधी के आरोप और उनके भाषण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। RSS और अमित शाह को लेकर की गई टिप्पणियों पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई, जबकि कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया। बहस के दौरान संसदीय मर्यादा और असंसदीय शब्दों का मुद्दा भी चर्चा का विषय बना रहा। (Expose India)

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