गंगा का बढ़ता जलस्तर बना खतरा, कटरी के गांवों पर मंडराया बाढ़ का संकट


बांगरमऊ (उन्नाव): गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बांगरमऊ क्षेत्र के कटरी इलाकों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। कटरी गदनपुर आहार के आधा दर्जन मजरों को सहजनी-जगत नगर मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला डामरीकृत संपर्क मार्ग पानी में डूबने लगा है। मार्ग के ऊपर से पानी बहने के कारण ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो कई गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह टूट सकता है।
ग्राम नया खेड़ा निवासी रामऔतार निषाद ने बताया कि गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति बनी रही तो कटरी दोआबा के मल्लाहन पुरवा, कुशाल पुरवा, हरीगंज, नया पुरवा, धन्ना पुरवा, भिखार पुरवा और दुल्ला पुरवा टापू में तब्दील हो सकते हैं। इससे ग्रामीणों के सामने आवागमन, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में गंभीर कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं।
उधर, गंगा का पानी कटरी क्षेत्र के भुड्डा, मुन्नी पुरवा, कुंशी, रतई पुरवा, गढ़ेवा और गहर पुरवा समेत एक दर्जन से अधिक गांवों की तलहटी तक पहुंच चुका है। किसानों कौशल निषाद, विनोद निषाद, सुनील निषाद और गोपी निषाद ने बताया कि यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो जाएगी। इससे तिलहनी और दलहनी फसलों के अलावा परवल, लौकी, तरोई, भिंडी और करेला जैसी सब्जियों की फसलें बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है।
लगातार 24 घंटे हुई बारिश का असर नगर क्षेत्र में भी देखने को मिला। मोहल्ला प्रेमगंज में गलियों में घुटनों तक पानी भर जाने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। प्राथमिक विद्यालय के परिसर और आसपास जलभराव होने से गुरुवार को अधिकांश बच्चे स्कूल नहीं पहुंच सके। शिक्षक और शिक्षिकाएं भी घुटनों तक पानी पार कर विद्यालय पहुंचने को मजबूर रहे।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जलनिकासी की तत्काल व्यवस्था कराने, कटरी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने तथा संभावित प्रभावित गांवों के लिए राहत एवं बचाव की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने की मांग की है।