हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर: 24 घंटे की बारिश से 145 सड़कें बंद, 224 ट्रांसफार्मर ठप, 10-11 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट

हिमाचल में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित

Heavy rainfall causes road closures in Himachal Pradesh
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण सड़कें बंद, बिजली और पेयजल व्यवस्था प्रभावित।

हिमाचल प्रदेश में मानसून का प्रकोप लगातार जारी है। बीते 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश ने राज्य के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी वर्षा के कारण सड़कें बंद हो गई हैं, बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है और पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, राज्य में कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

इन जिलों में हुई सबसे अधिक बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान धर्मशाला में सबसे अधिक 79 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा जोगिंदरनगर में 76 मिलीमीटर, मंडी में 63.4 मिलीमीटर और राजधानी शिमला में 54.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

145 सड़कें बंद, यातायात प्रभावित

7 अगस्त सुबह 10 बजे तक प्रदेशभर में 145 सड़कें यातायात के लिए बंद हो चुकी हैं। सबसे अधिक असर मंडी जिले में देखने को मिला है, जहां 66 सड़कें अवरुद्ध हैं। इसके अलावा कुल्लू में 31 और सिरमौर में 28 सड़कें बंद हैं। सड़कें बंद होने से कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली और पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित

भारी बारिश और भूस्खलन का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। प्रदेश में 224 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं, जिनमें अकेले मंडी जिले के 182 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इसके अलावा 14 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है। संबंधित विभाग बिजली और जलापूर्ति बहाल करने में जुटे हुए हैं।

10 और 11 अगस्त के लिए भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आगामी दिनों में भी मौसम खराब रहने की चेतावनी जारी की है। विभाग ने 10 और 11 अगस्त को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

राज्य सरकार और जिला प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बहाली का कार्य जारी है। प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।

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