प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी बोले- सिस्टम ने युवाओं को चक्रव्यूह में फंसा दिया

राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में यूपी के 23 जिलों से छात्र शामिल हुए

प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी
प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान छात्रों से संवाद करते राहुल गांधी।

डिजिटल डेस्क, प्रयागराज। प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। करीब 47 मिनट तक चले इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था ने युवाओं को एक ऐसे चक्रव्यूह में फंसा दिया है, जहां लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी रोजगार की गारंटी नहीं मिलती। उन्होंने दावा किया कि युवाओं के लिए रोजगार के कई पारंपरिक रास्ते कमजोर हो गए हैं और उन्हें नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रयागराज में छात्रों की गूंज के दौरान छात्रों से किया सीधा संवाद

प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 23 जिलों से छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद 7 से अधिक छात्रों से सीधे सवाल-जवाब किए। बातचीत का केंद्र शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाएं और युवाओं के सामने मौजूद अवसरों की स्थिति रही।

इस कार्यक्रम में प्रियंका गांधी की बेटी मिराया भी मौजूद थीं। राहुल गांधी ने छात्रों से उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और रोजगार को लेकर उनकी चिंताओं के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि देश का युवा बेहतर अवसरों की उम्मीद के साथ शिक्षा हासिल करता है, लेकिन पढ़ाई पूरी होने के बाद उसे रोजगार की अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है।

‘डिग्री मिलती है, लेकिन रोजगार की गारंटी नहीं’

प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि परिवार अपने बच्चों की शिक्षा पर लाखों और करोड़ों रुपये खर्च करते हैं। इसके बदले छात्रों को बीए और एमए जैसी डिग्रियां मिलती हैं, लेकिन ये डिग्रियां रोजगार की गारंटी नहीं देतीं।

उन्होंने दावा किया कि आज हजार युवाओं में से केवल 12 युवाओं को स्थायी नौकरी मिल रही है। राहुल गांधी के अनुसार यह स्थिति शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ती दूरी को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी उन्हें अपने कौशल के अनुरूप अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।

युवाओं को ‘चक्रव्यूह’ में फंसाने का आरोप

प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं को ऐसे माहौल में धकेला जा रहा है, जहां उन्हें रील बनाने और देखने की आजादी तो है, लेकिन रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं से कहा जाता है कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समय बिताएं, लेकिन जब नौकरी की बात आती है तो स्थिति अलग दिखाई देती है। उन्होंने ब्लिंकइट और उबर जैसे प्लेटफॉर्म का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा अस्थायी काम करने को मजबूर हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि 21वीं सदी के आकर्षणों के बीच रोजगार का संकट एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। उनके अनुसार युवा वर्ग को स्थायी और सम्मानजनक रोजगार की जरूरत है।

रोजगार के 5 रास्तों पर राहुल गांधी की टिप्पणी

प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि युवाओं के लिए रोजगार के पांच प्रमुख रास्ते कमजोर हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि पहला रास्ता मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र था। उनके अनुसार वैश्विक बाजार में मेड इन चाइना, मेड इन वियतनाम और मेड इन बांग्लादेश के उत्पाद दिखाई देते हैं, लेकिन मेड इन इंडिया को अपेक्षित स्थान नहीं मिला है। उन्होंने इसके लिए नोटबंदी और जीएसटी को जिम्मेदार ठहराया।

दूसरे रास्ते के रूप में उन्होंने स्टार्टअप और छोटे कारोबार का जिक्र किया। राहुल गांधी ने कहा कि छोटे व्यापारियों और युवाओं को बैंकिंग व्यवस्था से पर्याप्त सहयोग नहीं मिलता। उन्होंने दावा किया कि छोटे कारोबारियों के लिए ऋण प्राप्त करना मुश्किल होता जा रहा है।

तीसरे रास्ते के रूप में उन्होंने सरकारी नौकरियों का उल्लेख किया। राहुल गांधी ने कहा कि 150 उम्मीदवारों में से केवल एक युवा को सरकारी नौकरी मिलती है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के सामने कठिन स्थिति पैदा होती है।

सरकारी और कॉर्पोरेट सेक्टर पर भी उठाए सवाल

राहुल गांधी ने चौथे रास्ते के रूप में सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर कम हुए हैं। उनके अनुसार जिन सार्वजनिक संस्थानों में पहले 14 लाख नौकरियां थीं, वहां 2026 तक यह संख्या घटकर 7 लाख रह गई है।

पांचवें रास्ते के रूप में उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र का उल्लेख किया। राहुल गांधी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग का असर रोजगार के स्वरूप पर पड़ रहा है। उनके अनुसार तकनीकी बदलावों के कारण कई क्षेत्रों में रोजगार की प्रकृति बदल रही है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा और नई तकनीकों के अनुरूप खुद को विकसित करना होगा।

आर्थिक असमानता और संस्थाओं पर भी रखी राय

प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी ने आर्थिक असमानता और संस्थागत ढांचे को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि गौतम अडाणी की संपत्ति पिछले दस वर्षों में 30 गुना तक बढ़ी है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा की संपत्ति 150 करोड़ रुपये से बढ़कर 10 हजार करोड़ रुपये हो गई है।

राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि विभिन्न संस्थानों में आरएसएस के प्रचारकों को रखा जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालयों, मीडिया, न्यायपालिका और सुरक्षा बलों का उल्लेख करते हुए अपनी चिंता व्यक्त की।

आगे की राह

प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी ने शिक्षा, रोजगार, सरकारी नौकरी, स्टार्टअप, सार्वजनिक क्षेत्र और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी। 47 मिनट के इस संवाद में उनका मुख्य फोकस युवाओं के सामने मौजूद रोजगार संबंधी चुनौतियों और अवसरों की स्थिति पर रहा। कार्यक्रम के दौरान छात्रों के साथ सीधे संवाद के जरिए उन्होंने शिक्षा और रोजगार व्यवस्था से जुड़े कई सवाल उठाए और युवाओं की चिंताओं को सामने रखने की कोशिश की। (Expose India)

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