अमेरिकी ICE अधिकारियों के लिए $20 मिलियन तक के इलेक्ट्रिक शॉक ग्लव्स खरीदने की योजना सामने आई है। ACLU समेत अधिकार समूहों ने दुरुपयोग की आशंका जताई।

नई दिल्ली/अमर भारती। अमेरिका में इमिग्रेशन प्रवर्तन को लेकर एक नई योजना ने विवाद खड़ा कर दिया है। अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) अपने अधिकारियों और एजेंटों के लिए इलेक्ट्रिक शॉक देने वाले विशेष ग्लव्स की खरीद पर 1 करोड़ से 2 करोड़ डॉलर तक खर्च करने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) के खरीद नोटिस के मुताबिक, ये उपकरण ICE के Homeland Security Investigations (HSI) और Enforcement and Removal Operations (ERO) के अधिकारियों के लिए खरीदे जाने हैं।
इस प्रस्ताव ने डेमोक्रेटिक नेताओं और नागरिक अधिकार संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। आलोचकों का कहना है कि इमिग्रेशन कार्रवाई के दौरान ऐसे उपकरणों के इस्तेमाल से अत्यधिक बल प्रयोग और दुरुपयोग का खतरा बढ़ सकता है।
क्या हैं ICE के इलेक्ट्रिक शॉक ग्लव्स?
इन उपकरणों को G.L.O.V.E. यानी Generated Low Output Voltage Emitter कहा जाता है। निर्माता के अनुसार, ये इलेक्ट्रिक शॉक ग्लव्स सामान्य कानून-प्रवर्तन दस्तानों की तरह पहने जा सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें इलेक्ट्रिक उपकरण के रूप में सक्रिय किया जा सकता है। यह सिस्टम सीधे त्वचा के संपर्क में आने पर विद्युत उत्तेजना देता है।
DHS इन्हें Conductive Distraction and De-escalation Device के तौर पर वर्गीकृत करता है। इनका उद्देश्य व्यक्ति को अस्थायी असुविधा या दर्द के जरिए अनुपालन के लिए मजबूर करना बताया गया है। टेजर से अलग, इन दस्तानों को शरीर से संपर्क कर इस्तेमाल किया जाता है।
$20 मिलियन तक खर्च की तैयारी
DHS के खरीद प्रस्ताव में इस उपकरण की खरीद के लिए अनुमानित राशि 10 मिलियन से 20 मिलियन डॉलर रखी गई है। रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्तावित अनुबंध मार्च 2027 तक चल सकता है और इसे बिना प्रतिस्पर्धी बोली के जारी किए जाने की संभावना है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार,इलेक्ट्रिक शॉक ग्लव्स का इलेक्ट्रिक आउटपुट अधिकतम 380 वोल्ट तक बताया गया है। हालांकि निर्माता इसे कम-आउटपुट, गैर-घातक और डी-एस्केलेशन उपकरण के रूप में पेश करता है।
ACLU ने जताई गंभीर चिंता
योजना सामने आने के बाद American Civil Liberties Union (ACLU) समेत नागरिक अधिकार संगठनों ने इसका विरोध किया है। आलोचकों का तर्क है कि इलेक्ट्रिक शॉक देने वाला उपकरण अधिकारियों को बल प्रयोग का ऐसा माध्यम दे सकता है, जिसे आम लोगों के लिए पहचानना मुश्किल होगा।
चिंता खास तौर पर इसलिए भी जताई जा रही है क्योंकि ICE की इमिग्रेशन कार्रवाई में अधिकारियों और प्रवासियों के बीच तनावपूर्ण स्थितियां सामने आती रही हैं। आलोचकों को आशंका है कि पर्याप्त निगरानी और स्पष्ट नियमों के अभाव में इलेक्ट्रिक शॉक ग्लव्स उपकरणों का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के लिए हो सकता है।
न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स ने भी उठाए सवाल
न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स ने इस योजना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अगर ICE अधिकारी राज्य में इनइलेक्ट्रिक शॉक ग्लव्स का दुरुपयोग करते हैं तो उन्हें संभावित नागरिक और आपराधिक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
पहले भी विवादों में रहा है G.L.O.V.E.
इलेक्ट्रिक शॉक ग्लव्स को लेकर विवाद केवल ICE की नई खरीद योजना तक सीमित नहीं है। केंटकी के एक जेल में 2024 में एक व्यक्ति की मौत से जुड़े मुकदमे में G.L.O.V.E. के इस्तेमाल को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, डिप्टी ने एक व्यक्ति को काबू में करने के दौरान G.L.O.V.E. का इस्तेमाल किया था। मामले में बार-बार शॉक दिए जाने का आरोप सामने आया। हालांकि, इस मामले के कानूनी निष्कर्षों को ICE की प्रस्तावित खरीद पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता।
बच्चों और गर्भवती महिलाओं के इस्तेमाल पर चेतावनी
इलेक्ट्रिक शॉक ग्लव्स G.L.O.V.E. के निर्माता की ओर से कुछ संवेदनशील समूहों के खिलाफ इसके इस्तेमाल को लेकर चेतावनियां दी गई हैं। इनमें बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रूप से दिव्यांग लोग शामिल हैं। निर्माता के निर्देशों में इसे सजा देने, यातना देने या केवल मौखिक अवज्ञा के जवाब में इस्तेमाल नहीं करने की बात भी कही गई है।
DHS ने किया योजना का बचाव
विवाद के बावजूद DHS ने अपने कानून-प्रवर्तन उपकरणों की नीति का बचाव किया है। विभाग का कहना है कि ICE अधिकारियों की जरूरतों का लगातार आकलन किया जाता है और उपकरणों से जुड़े फैसले कानून-प्रवर्तन नीतियों तथा सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद लिए जाते हैं।
ICE के अनुसार, उसके अधिकारियों को डी-एस्केलेशन और बल प्रयोग से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि यह खरीद पूरी होती है तो इन इलेक्ट्रिक शॉक ग्लव्स के इस्तेमाल की निगरानी, जवाबदेही और स्पष्ट सीमाएं क्या होंगी।
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