लाल किला ब्लास्ट मामले में UN रिपोर्ट में जैश-ए-मोहम्मद का जिक्र है, जबकि NIA चार्जशीट में AQIS से जुड़े AGuH नेटवर्क का उल्लेख किया गया है।

नई दिल्ली/अमर भारती। दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए कार बम धमाके को लेकर एक अहम अंतरराष्ट्रीय कड़ी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की UN रिपोर्ट में इस हमले के लिए अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) को सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध व्यवस्था के तहत जारी 37वीं मॉनिटरिंग टीम रिपोर्ट में एक सदस्य देश के हवाले से जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के हमले से जुड़े होने का उल्लेख है। रिपोर्ट में दूसरे सदस्य देश की ओर से JeM को निष्क्रिय संगठन बताया गया है।
दूसरी ओर, भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में लाल किला क्षेत्र में हुए धमाके के आरोपियों का संबंध अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से बताया गया है, जिसे NIA ने अल-कायदा से जुड़ा संगठन और AQIS का ऑफशूट बताया है। मई 2026 में दाखिल अपनी चार्जशीट में NIA ने 10 आरोपियों को नामजद किया था।
UN रिपोर्ट में क्या कहा गया?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति के Analytical Support and Sanctions Monitoring Team की S/2026/44 रिपोर्ट 4 फरवरी 2026 की है। इसमें आतंकवादी संगठनों और उनसे जुड़े खतरों का आकलन किया गया है। UN रिपोर्ट के पैराग्राफ 95 में एक सदस्य देश की सूचना के हवाले से कहा गया कि जैश-ए-मोहम्मद ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली थी और उसे नई दिल्ली में लाल किले से जुड़े एक हमले से जोड़ा गया था।
हालांकि, इसी पैराग्राफ में एक अन्य सदस्य देश के हवाले से JeM को निष्क्रिय बताया गया है। इसका मतलब यह है कि रिपोर्ट में अलग-अलग सदस्य देशों से मिले आकलनों को दर्ज किया गया है, न कि संयुक्त राष्ट्र ने स्वयं अंतिम रूप से यह निष्कर्ष दिया है कि JeM ही हमले के लिए जिम्मेदार था। इसलिए “UN ने लाल किला धमाके के लिए JeM को जिम्मेदार ठहराया” कहना भी रिपोर्ट की भाषा को जरूरत से ज्यादा निश्चित रूप में पेश करना होगा।
NIA जांच में AQIS से जुड़े संगठन का नाम
भारत में लाल किला क्षेत्र में हुए कार बम धमाके की जांच NIA कर रही है। एजेंसी के मुताबिक, 10 नवंबर 2025 को हुए वाहन-जनित IED विस्फोट में 11 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। NIA ने बाद की जांच में आरोपियों को AGuH से जोड़ा।
NIA की मई 2026 की चार्जशीट के अनुसार, सभी 10 आरोपी AGuH से जुड़े थे और एजेंसी ने इस संगठन को AQIS का ऑफशूट बताया। इसके बाद जून 2026 में NIA ने तीन और आरोपियों के UN रिपोर्ट के आधार पर चार्जशीट दाखिल की, जिससे मामले में चार्जशीट किए गए आरोपियों की संख्या 13 हो गई।
लाल किला ब्लास्ट की जांच में सामने आए कई नाम
UN रिपोर्ट के अनुसार, NIA की शुरुआती जांच में धमाके के मुख्य आरोपी के तौर पर डॉ. उमर उन नबी का नाम सामने आया था। एजेंसी के मुताबिक, वह वाहन-जनित IED में मारा गया था। जांच के दौरान NIA ने उसके सहयोगियों और कथित साजिश में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए कई राज्यों में कार्रवाई की।
जांच एजेंसी ने बाद में आरोपियों के खिलाफ विस्तृत चार्जशीट दाखिल की। जून 2026 की पूरक चार्जशीट में NIA ने दावा किया कि कुछ आरोपी AGuH के नेटवर्क और उसकी कथित साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे।
AQIS और JeM को लेकर क्यों महत्वपूर्ण है UN रिपोर्ट?
UN रिपोर्ट सामने आने के बाद लाल किला धमाके की अंतरराष्ट्रीय कड़ी को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, यहां दो अलग-अलग जांच निष्कर्षों को एक नहीं माना जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में JeM का उल्लेख सदस्य देश की सूचना के आधार पर है, जबकि भारत की NIA जांच में AGuH और उसके AQIS से संबंध का उल्लेख किया गया है।
इसलिए फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर यह कहना ज्यादा सटीक होगा कि लाल किला धमाके के मामले में UN रिपोर्ट में JeM से जुड़ा दावा दर्ज है, जबकि NIA की चार्जशीट में AQIS से जुड़े AGuH नेटवर्क का उल्लेख किया गया है।
आतंकवादी संगठनों के बदलते नेटवर्क पर UN की चिंता
UN रिपोर्ट की मॉनिटरिंग व्यवस्था लगातार अल-कायदा, ISIL और उनसे जुड़े संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखती है। 1267 मॉनिटरिंग टीम का काम सदस्य देशों से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर आतंकवादी संगठनों के नेटवर्क, वित्तीय गतिविधियों और क्षेत्रीय खतरों का आकलन करना है। ऐसे में दिल्ली के लाल किला धमाके से जुड़े अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय और भारतीय जांच इनपुट आने वाले समय में इस मामले की साजिश और नेटवर्क को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे।
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