वंदे मातरम विवाद: राष्ट्रगीत पर कांग्रेस-बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के सोनिया गांधी के विदेशी मूल को लेकर दिए बयान ने सियासी घमासान तेज कर दिया है। कुमारस्वामी ने सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए वंदे मातरम के कथित विरोध को लेकर सवाल उठाए, वहीं कांग्रेस ने उनके बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
वंदे मातरम विवाद में कुमारस्वामी ने सोनिया गांधी पर साधा निशाना
केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सोमवार को वंदे मातरम गाए जाने के कथित विरोध को लेकर सोनिया गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हर किसी को राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना चाहिए।
कुमारस्वामी ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल का जिक्र करते हुए कहा कि उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सोनिया गांधी देश की हैं और कहा कि वह शादी के बाद भारत आई थीं। कुमारस्वामी ने उनके इतालवी मूल का भी उल्लेख किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस को वंदे मातरम पसंद नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं को इस मुद्दे पर अपनी संकीर्ण मानसिकता प्रदर्शित करने की जरूरत नहीं है।
कांग्रेस ने कुमारस्वामी के बयान पर किया पलटवार
कुमारस्वामी के बयान पर कर्नाटक सरकार में मंत्री रिजवान अरशद ने पलटवार किया। उन्होंने कुमारस्वामी को ‘हताश व्यक्ति’ बताते हुए कहा कि अगर वह सोनिया गांधी के बारे में इस तरह की बात करते हैं तो उन्हें पता होना चाहिए कि वह कई भारतीयों की तुलना में कहीं अधिक भारतीय हैं।
रिजवान अरशद ने कहा कि सोनिया गांधी के पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने यह भी कहा कि सोनिया गांधी एक एकजुट और न्यायपूर्ण भारत के लिए लड़ रही हैं।
कुमारस्वामी ने फिर उठाया सोनिया गांधी के बलिदान का सवाल
कांग्रेस की प्रतिक्रिया के बावजूद कुमारस्वामी मंगलवार को अपने रुख पर कायम रहे। उन्होंने अपने हमले को और तेज करते हुए सवाल किया कि सोनिया गांधी ने देश के लिए क्या बलिदान दिया है।

कुमारस्वामी ने कहा कि राजीव गांधी ने बलिदान दिया, लेकिन सोनिया गांधी ने क्या त्याग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम का अपमान किया और कहा कि वह भारतीय भावनाओं का विरोध कर रही हैं।
कुमारस्वामी ने अपने बयान में सोनिया गांधी के इतालवी मूल और भारतीय नागरिक से विवाह का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वह भारतीय भावनाओं का विरोध कर रही हैं।
बीजेपी के आरोपों से शुरू हुआ वंदे मातरम विवाद
वंदे मातरम को लेकर विवाद शनिवार को उस समय शुरू हुआ जब बीजेपी ने सोनिया गांधी पर पार्टी के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाए जाने पर आपत्ति जताने का आरोप लगाया।
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस के कार्यक्रम का एक वीडियो साझा किया। उन्होंने दावा किया कि मां, बेटे और कांग्रेस अध्यक्ष वंदे मातरम के पूरे गान से परेशान नजर आ रहे हैं। संतोष ने यह भी कहा कि 1947 से पहले और 1947 के बाद भी कुछ मानसिकताएं नहीं बदलीं।
हालांकि, कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज कर दिया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय गीत का पूरा संस्करण गाने से रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया था।
कांग्रेस के मुताबिक, सोनिया गांधी केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं, क्योंकि वह काफी देर से खड़े थे।
वंदे मातरम को लेकर जारी है सियासी बयानबाजी
वंदे मातरम विवाद ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है। बीजेपी की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद कांग्रेस ने सफाई दी, जबकि कुमारस्वामी के बयान के बाद दोनों दलों के नेताओं के बीच जुबानी टकराव और बढ़ गया है।

कुमारस्वामी ने अपने रुख के समर्थन में इतिहास का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम उस कांग्रेस अधिवेशन में गाया गया था, जिसमें महात्मा गांधी ने भाग लिया था और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने भी इस गीत को गाया था।
आगे की राह
वंदे मातरम विवाद अब बीजेपी के आरोपों और कांग्रेस की सफाई से आगे बढ़कर नेताओं के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बन गया है। कुमारस्वामी ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल को लेकर हमला जारी रखा है, जबकि कांग्रेस ने उनके बयान का कड़ा विरोध किया है। (Expose India)
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