
निघासन, खीरी। शारदा नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बाढ़ का पानी अब गांवों को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों पर भी पहुंचने लगा है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आवागमन प्रभावित होने के साथ ही ग्रामीणों के सामने राशन, इलाज और पशुओं के चारे का संकट भी गहराने लगा है।
जानकारी के अनुसार बनबसा बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण निघासन क्षेत्र के पुरेना, रानीगंज, खमरिया, लालबोझी, मदनापुर, बैलहा, तमोलिन पुरवा और जीत पुरवा समेत दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों के आसपास जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
बाढ़ का पानी निघासन से बैलहा जाने वाले डामर मार्ग और तमोलिन पुरवा संपर्क मार्ग पर चलने लगा है। इससे इन मार्गों पर आवागमन प्रभावित होने लगा है। ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बाढ़ के कारण खेतों में पानी भरने से पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, पशुओं के चारे और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था कराने तथा संपर्क मार्गों पर आवागमन सुचारु रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
फोटो कैप्शन: निघासन क्षेत्र में गांव के संपर्क मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी।