
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और डीजीपी के निर्देश पर पुलिस महकमा महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई का दावा करता है, लेकिन राजधानी लखनऊ में महिलाओं और छात्राओं से छेड़छाड़ व बदसलूकी के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। अब ऐसा ही एक मामला शहर के सबसे पॉश और वीआईपी इलाकों में शुमार हजरतगंज से सामने आया है। सिविल चौराहे पर देर रात कैब का इंतजार कर रही छात्राओं के साथ कार सवार युवकों द्वारा कथित तौर पर आपत्तिजनक इशारे और बदसलूकी किए जाने का आरोप लगा है। घटना को लेकर पीड़िता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा कर महिला सुरक्षा और पुलिस की चौकसी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
वायरल वीडियो में पीड़िता ने बताया कि देर रात करीब 1 बजे उसकी पीजी में रहने वाली एक छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद वह अन्य छात्राओं के साथ उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंची। उपचार के बाद सभी छात्राएं अस्पताल से बाहर निकलीं और कैब का इंतजार करने लगीं। इसी दौरान वहां एक कार में सवार चार युवक पहुंचे। युवती का आरोप है कि सभी युवक नशे की हालत में थे और छात्राओं को देखकर अश्लील व आपत्तिजनक इशारे करने लगे।
पीड़िता के मुताबिक, कार सवार युवक एक बार आगे निकल गए, लेकिन कुछ देर बाद दोबारा उसी रास्ते से राउंड लगाते हुए वापस आए और छात्राओं की ओर फिर से भद्दे इशारे किए। इसके बाद युवकों ने सामने स्थित चाय की टपरी के पास कार खड़ी कर दी और काफी देर तक छात्राओं को घूरते रहे। आरोप है कि इसके बाद युवकों ने अस्पताल परिसर के अंदर तक छात्राओं का पीछा किया और बुरी नीयत से उन्हें घूरते रहे। इस पूरी घटना से छात्राएं बुरी तरह सहम गईं।
‘अगर VIP इलाके में लड़कियां सुरक्षित नहीं तो कहां रहेंगी ?’
घटना को लेकर वीडियो जारी करने वाली पीड़ित छात्रा ने सिस्टम और समाज की मानसिकता पर भी सवाल उठाए हैं। युवती का कहना है कि जिस स्थान पर यह पूरा घटनाक्रम हुआ, वह लखनऊ का बेहद महत्वपूर्ण और वीआईपी इलाका है। घटनास्थल से महज करीब 50 मीटर की दूरी पर पुलिस चौकी है, वहीं पास में अस्पताल और आसपास कई CCTV कैमरे भी लगे हुए हैं। इसके बावजूद अगर देर रात घर से किसी जरूरी काम के लिए निकली लड़कियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं, तो आखिर वे कहां सुरक्षित हैं?
वायरल वीडियो सामने आने के बाद हरकत में आई पुलिस
सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद हजरतगंज पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। हजरतगंज ACP रजनीश वर्मा के मुताबिक, वीडियो सामने आने के बाद पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने सिविल चौराहे और सिविल अस्पताल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही आसपास के स्थानीय दुकानदारों से भी पूछताछ की गई, लेकिन फिलहाल घटना के संबंध में कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है।
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही युवती से संपर्क करने का प्रयास किया गया है। पुलिस ने उससे घटना की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने और हजरतगंज थाने में लिखित तहरीर देने का आग्रह किया है। पुलिस का कहना है कि लिखित शिकायत प्राप्त होते ही मामले में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
CCTV फुटेज और शिकायत के आधार पर आगे बढ़ेगी जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। घटनास्थल और आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज के अलावा स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित युवती की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद जांच को और आगे बढ़ाया जाएगा और आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित युवकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं राजधानी में महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। खास तौर पर ऐसे स्थान पर घटना के आरोप सामने आने से पुलिस की रात्रिकालीन गश्त और CCTV निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि छात्राओं के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करने वाले युवक कौन थे और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।