प्रस्तावित बाईपास के विरोध में जनहित याचिका: NHAI टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण, मौजूदा स्थिति का लिया जायजा

पंकज चतुर्वेदी

बाराबंकी। थाना क्षेत्र में एनएचएआई की ओर से प्रस्तावित साधारणपुर से नचना तक बाईपास को लेकर दाखिल जनहित याचिका के बाद मंगलवार को एनएचएआई अधिकारियों की टीम ने क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। न्यायालय के आदेश पर पहुंची टीम ने प्रस्तावित बाईपास के स्थान, मौजूदा सड़क की स्थिति और आसपास के क्षेत्र का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों ने सड़क के किनारे की स्थिति के साथ-साथ आसपास के गांवों के बारे में भी जानकारी जुटाई। निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित बाईपास के अलाइनमेंट से जुड़े विभिन्न बिंदुओं को देखा गया।

रामनगर के मड़ना निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख जगदीश और शंकर फार्म, असंद्रा निवासी सुरेंद्र विक्रम सिंह ने प्रस्तावित बाईपास के विरोध में न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में बाईपास को निरस्त करने सहित कई मांगें उठाई गई हैं। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि रामनगर से प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव मंदिर तक आवागमन के लिए पहले से ही पर्याप्त सड़क व्यवस्था उपलब्ध है। ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाले इस तीर्थस्थल पर पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है। वहीं सावन, महाशिवरात्रि और अन्य प्रमुख पर्वों के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे क्षेत्र में यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है।

फोरलेन और नाले के बावजूद नया बाईपास बनाने पर उठाए सवाल

याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय में कहा है कि रामनगर क्षेत्र में पहले से फोरलेन सड़क और नाला बना हुआ है। ऐसे में मौजूदा सड़क के अलाइनमेंट को बरकरार रखते हुए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है। इसके लिए एलीवेटेड रोड, सर्विस रोड और अंडरपास जैसे विकल्पों को अपनाए जाने का सुझाव दिया गया है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार इन विकल्पों के जरिए यातायात को सुगम करने के साथ-साथ अनावश्यक रूप से नई भूमि अधिग्रहण की स्थिति से भी बचा जा सकता है। इसी आधार पर प्रस्तावित बाईपास को अनावश्यक बताते हुए इसे निरस्त किए जाने की मांग की गई है।

गजट प्रकाशन से पहले जमीनों की खरीद-फरोख्त की जांच की मांग

जनहित याचिका में प्रस्तावित बाईपास के अलाइनमेंट से जुड़ी जमीनों की खरीद-फरोख्त को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय से मांग की है कि गजट प्रकाशन से पहले बाईपास के प्रस्तावित अलाइनमेंट में आने वाली जमीनों की हुई खरीद-फरोख्त की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि बाईपास के प्रस्तावित मार्ग से संबंधित जमीनों के लेन-देन की स्थिति को भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है।

निरीक्षण के बाद न्यायालय में पेश की जाएगी रिपोर्ट

न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को मौके पर पहुंची एनएचएआई अधिकारियों की टीम ने प्रस्तावित बाईपास से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी जुटाई। टीम ने मौके की स्थिति का निरीक्षण करने के साथ आसपास के गांवों और सड़क किनारे की परिस्थितियों को भी देखा। अब स्थलीय निरीक्षण के दौरान जुटाई गई जानकारी के आधार पर एनएचएआई की ओर से रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। रिपोर्ट के बाद प्रस्तावित बाईपास को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।