सत्य निकेतन PG हादसा: 7 मौतों के बाद हाईकोर्ट सख्त, मालिक समेत 3 गिरफ्तार

दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई। PG मालिक हरिराम गुप्ता समेत तीन गिरफ्तार, हाईकोर्ट ने जांच के आदेश दिए।

दिल्ली के सत्य निकेतन में गिरी पांच मंजिला PG इमारत
सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान।

नई दिल्ली/अमर भारती। दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास सत्य निकेतन की संकरी गली में 30 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिरने से सात लोगों की मौत हो गई। यह इमारत लड़कों के छात्रावास के रूप में इस्तेमाल हो रही थी। करीब 27 घंटे चले राहत और बचाव अभियान के बाद सोमवार शाम मलबा हटाने का काम पूरा हुआ। हादसे में कुल 12 लोगों को मलबे से निकाला गया, जिनमें सात की मौत हो गई, जबकि पांच घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

सत्य निकेतन हादसे में सात लोगों की मौत

सत्य निकेतन में रविवार को पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए करीब 27 घंटे तक ऑपरेशन चलाया गया। बचाव दल ने कुल 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला। इनमें पांच छात्रों समेत सात लोगों की मौत हो गई। पांच घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई है।

CM रेखा गुप्ता ने AIIMS पहुंचकर घायलों से की मुलाकात

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सत्य निकेतन हादसे में घायल लोगों से मिलने एम्स पहुंचीं। उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात कर सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि एक मजदूर अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत ठीक है। दो बच्चे भी ठीक हैं, जबकि एक बच्चा ICU में भर्ती है। उन्होंने कहा कि सरकार घायलों के इलाज में पूरी मदद करेगी और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।

बगल वाली इमारत भी गिराई जाएगी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे में क्षतिग्रस्त इमारत के बगल वाली बिल्डिंग को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को देखते हुए इस इमारत को गिराया जाएगा और इसके लिए अगले दिन कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले के बाद इलाके में मौजूद अन्य भवनों की सुरक्षा और उनकी संरचनात्मक स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सत्य निकेतन हादसे पर सीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई की है।

हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को भी घेरा

सत्य निकेतन PG हादसा अब दिल्ली हाईकोर्ट भी पहुंच गया है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सिर्फ PG मालिक को जिम्मेदार ठहराकर दिल्ली सरकार अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती। अदालत ने जिम्मेदारी के दायरे में दिल्ली विश्वविद्यालय और MCD को भी शामिल किया। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने MCD को उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली सरकार ने पांच अधिकारियों को किया निलंबित

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने भी कार्रवाई की है। सरकार की ओर से पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि 30 साल पुरानी इमारत का इस्तेमाल PG के रूप में कैसे हो रहा था और भवन की सुरक्षा को लेकर संबंधित विभागों की ओर से क्या जांच या कार्रवाई की गई थी।

भिवाड़ी से PG मालिक समेत तीन गिरफ्तार

सत्य निकेतन हादसे के बाद फरार चल रहे PG मालिक हरिराम गुप्ता (81) को दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी पत्नी उर्मिला गुप्ता (75) और बेटे महेश गुप्ता (52) को भी गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने हरिराम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

बिजली कनेक्शन हरिराम के नाम, बेटा देखता था PG का प्रबंधन

जांच में सामने आया है कि PG का बिजली कनेक्शन हरिराम गुप्ता के नाम पर था, जबकि उसका बेटा महेश गुप्ता PG का प्रबंधन देखता था। वहीं, संपत्ति की रजिस्ट्री हरिराम गुप्ता की पत्नी उर्मिला गुप्ता के नाम पर बताई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इमारत के निर्माण, उसके इस्तेमाल और सत्य निकेतन PG संचालन से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

हादसे ने उठाए कई बड़े सवाल

सत्य निकेतन की घटना ने राजधानी में पुरानी इमारतों, PG और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि पांच मंजिला और करीब 30 साल पुरानी इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच कब और कैसे हुई? क्या इमारत को PG के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति थी? क्या संबंधित एजेंसियों ने समय-समय पर भवन की स्थिति का निरीक्षण किया था? अब हाईकोर्ट की निगरानी में होने वाली जांच और पुलिस की कार्रवाई से इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

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