Duleep Trophy 2026: वैभव सूर्यवंशी की क्रिकेटिंग समझ ने जीता दिल, DRS लेकर दिलाई पहली विकेट

Duleep Trophy 2026 के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने ईशान किशन को DRS लेने की सलाह दी। रिव्यू सफल रहा और ईस्ट जोन को रिकी भुई का विकेट मिला।

दलीप ट्रॉफी 2026 में DRS की सलाह देते वैभव सूर्यवंशी
वैभव सूर्यवंशी की DRS सलाह पर ईशान किशन ने लिया रिव्यू और मिला विकेट।

नई दिल्ली/अमर भारती। दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है। मैच में ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने बल्ले से भले ही बड़ी पारी नहीं खेली हो, लेकिन उनकी क्रिकेटिंग समझ ने सभी का ध्यान खींच लिया। साउथ जोन की पारी के दौरान वैभव ने कप्तान ईशान किशन को एक अहम मौके पर DRS लेने की सलाह दी। ईशान ने उनकी बात मानी और रिव्यू में फैसला ईस्ट जोन के पक्ष में आया। इस घटना का वीडियो भी क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया।

छठे ओवर में बदला मैच का रुख

साउथ जोन की पारी के छठे ओवर में यह घटना हुई। मुकेश कुमार गेंदबाजी कर रहे थे और सामने बल्लेबाज रिकी भुई थे। गेंद को भुई ने लेग साइड की तरफ खेलने की कोशिश की। गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर की ओर गई, जहां कैच लपक लिया गया। हालांकि मैदानी अंपायर ने बल्लेबाज को आउट नहीं दिया। यहीं से वैभव सूर्यवंशी की भूमिका सामने आई। उन्होंने कप्तान ईशान किशन को रिव्यू लेने का सुझाव दिया। ईशान ने वैभव की बात मानते हुए DRS लिया। तीसरे अंपायर ने रिप्ले की जांच की तो गेंद और बल्ले के बीच संपर्क साफ नजर आया। इसके बाद मैदानी अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा और रिकी भुई को आउट करार दिया गया।

छोटी उम्र में दिखा बड़ा क्रिकेटिंग माइंड

वैभव की इस सलाह ने एक बार फिर उनकी क्रिकेटिंग समझ की चर्चा छेड़ दी है। इतनी कम उम्र में मैच की परिस्थितियों को पढ़ना और कप्तान को सही समय पर फैसला लेने के लिए मनाना उनके खेल के दूसरे पहलू को सामने लाता है। उनकी बल्लेबाजी पर अक्सर चर्चा होती रही है, लेकिन दलीप ट्रॉफी के इस मुकाबले में उनकी नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की क्षमता भी सुर्खियों में आ गई।

बल्ले से शतक का इंतजार जारी

दलीप ट्रॉफी 2026 में वैभव अभी तक शतक नहीं लगा सके हैं। हालांकि उन्होंने कुछ उपयोगी पारियां खेली हैं। सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल की पहली पारी में उन्होंने 92 रन बनाए थे। दूसरी पारी में वह 40 रन बनाकर आउट हुए। फाइनल की पहली पारी में भी वैभव ने 37 गेंदों पर 44 रन बनाए। यानी शतक भले ही उनके बल्ले से नहीं आया, लेकिन टूर्नामेंट में उनका प्रभाव सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रहा।

ईशान किशन का 270 रन का तूफान

फाइनल में ईस्ट जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विशाल स्कोर खड़ा किया। कप्तान ईशान किशन ने शानदार 270 रन की पारी खेली। उन्होंने 334 गेंदों का सामना किया और 30 चौके तथा 7 छक्के लगाए। ईस्ट जोन की पहली पारी 708 रन पर समाप्त हुई। कुमार कुशाग्र ने भी 101 रन की पारी खेली, जबकि शिखर मोहन और अभिमन्यु ईश्वरन ने उपयोगी योगदान दिया। वैभव सूर्यवंशी का यह योगदान पूरे मैच की तस्वीर बदलने वाला रहा है।

वैभव की DRS सलाह बनी चर्चा

फाइनल के दौरान वैभव का DRS वाला फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह मैदान पर उनकी सक्रिय भूमिका को दिखाता है। क्रिकेट में DRS लेना कप्तान का फैसला होता है, लेकिन विकेटकीपर और स्लिप में मौजूद खिलाड़ियों की सलाह कई बार निर्णायक साबित होती है।

इस मामले में वैभव की सलाह सही साबित हुई और ईस्ट जोन को महत्वपूर्ण विकेट मिला। फैंस के लिए यह घटना सिर्फ एक विकेट की कहानी नहीं है। यह इस बात का संकेत भी है कि वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ एक युवा बल्लेबाज के तौर पर नहीं, बल्कि खेल की परिस्थितियों को समझने वाले क्रिकेटर के रूप में भी देखा जा रहा है।

यहां भी पढ़ें-

35-40 बार खिसक चुका था कंधा: RML में अत्याधुनिक सर्जरी से मिली नई स्थिरता, आर्थ्रोस्कोपिक बोन ब्लॉक सर्क्लाज से सफल उपचार

लोहिया संस्थान ने सार्वजनिक क्षेत्र में रोबोट-असिस्टेड किडनी ट्रांसप्लांट कर रचा नया इतिहास: 18 वर्षीय युवती को मिली नई जिंदगी