Satya Niketan Building Collapse: बेटे की मौत से टूटा परिवार, पिता बोले- बच्चों को पढ़ने दिल्ली न भेजें

Satya Niketan Building Collapse में बेटे अर्पित को खोने के बाद पिता ने माता-पिता से भावुक अपील की। परिवार ने अर्पित के कॉर्निया भी दान किए।

सत्य निकेतन हादसे में जान गंवाने वाले अर्पित जाज के परिवार की भावुक तस्वीर
सत्य निकेतन हादसे में बेटे को खोने के बाद अर्पित के पिता ने माता-पिता से भावुक अपील की।

नई दिल्ली/अमर भारती। दिल्ली के Satya Niketan में हुए दर्दनाक PG बिल्डिंग हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। सात लोगों की मौत के बाद अब मध्य प्रदेश के देवास निवासी अर्पित जाज के पिता की भावुक अपील सामने आई है। बेटे को अंतिम विदाई देते हुए उन्होंने दूसरे माता-पिता से कहा कि वे अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए दिल्ली भेजने से पहले सुरक्षा को लेकर गंभीरता से सोचें। अर्पित उन सात लोगों में शामिल था, जिनकी सत्य निकेतन में बहुमंजिला PG इमारत गिरने से मौत हुई। हादसे के बाद परिवार ने बेटे की आंखों के कॉर्निया दान करने का फैसला भी लिया।

बेटे को खोने के बाद पिता की भावुक अपील

Satya Niketan हादसे में मारे गए अर्पित का देवास में अंतिम संस्कार किया गया। परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों और आसपास के लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे। इस दौरान अर्पित के पिता भूपेंद्र जाज ने बेहद भावुक होकर कहा कि दूसरे माता-पिता अपने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के बाद बेटे की तलाश में परिवार को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और दिल्ली प्रशासन से अपेक्षित मदद नहीं मिली। उनके मुताबिक, परिवार ने मलबे से लेकर अस्पतालों तक अर्पित को खोजने की कोशिश की। अंततः एक वकील की मदद से परिवार अर्पित के शव की पहचान कर सका।

अर्पित की आंखें अब किसी और की दुनिया रोशन करेंगी

Satya Niketan की त्रासदी के बीच अर्पित के परिवार ने ऐसा फैसला लिया, जिसने दुख के बीच मानवता की मिसाल पेश की। परिवार ने उसके कॉर्निया दान करने का निर्णय लिया। रिपोर्टों के मुताबिक, अर्पित के दोनों कॉर्निया दान किए गए, जिससे दो जरूरतमंद लोगों को दृष्टि मिलने की संभावना बनी। बेटे को खोने के बाद भी परिवार का यह फैसला दूसरों के जीवन में रोशनी लाने वाला साबित हो सकता है।

त्योहार मनाकर दिल्ली लौटा था अर्पित

परिवार के अनुसार अर्पित अपने घर देवास में परिवार के साथ त्योहार मनाने के बाद दिल्ली वापस आया था। वह पढ़ाई के सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी में रह रहा था। अर्पित के लिए परिवार ने बेहतर भविष्य के सपने देखे थे। लेकिन दिल्ली लौटने के कुछ ही समय बाद Satya Niketan में हुई इमारत दुर्घटना ने परिवार की पूरी दुनिया बदल दी। उसके दादा माखनलाल जाज ने अर्पित को परिवार का सहारा और खुशियों की वजह बताया। उनके मुताबिक, अर्पित की मौत से परिवार ने अपना एक मजबूत स्तंभ खो दिया।

हादसे ने PG व्यवस्था पर उठाए सवाल

Satya Niketan की घटना के बाद दिल्ली में छात्रों के लिए चल रहे PG और किराए के आवासों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के आसपास बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। ऐसे में उनके रहने की जगह की संरचनात्मक सुरक्षा, भवन की मंजूरी, फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकासी जैसी व्यवस्थाएं बेहद महत्वपूर्ण हो जाती हैं। सत्य निकेतन हादसे ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि छात्रों को किराए पर कमरे या PG उपलब्ध कराने से पहले भवन की सुरक्षा और वैधता की जांच कितनी प्रभावी तरीके से होती है।

परिवार ने मांगी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई

अर्पित के पिता ने Satya Niketan हादसे की गहन जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को जर्जर और असुरक्षित इमारतों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए। यह हादसा सिर्फ सात परिवारों का दर्द नहीं है। यह उन हजारों परिवारों के लिए भी चेतावनी है, जो अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों में भेजते हैं।

अर्पित की मौत के बाद उसके परिवार की अपील ने एक बड़ा सवाल सामने रखा है—क्या छात्रों के लिए उपलब्ध PG और किराए के आवासों की सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है? इस सवाल का जवाब प्रशासन, स्थानीय निकाय और भवन मालिकों को मिलकर देना होगा।

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