
लखनऊ। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर राजकीय नेशनल होम्योपैथिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल के इंटर्न मेडिकोज ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अस्पताल की ओपीडी बंद रही, जिससे इलाज और दवा लेने पहुंचे सैकड़ों मरीजों को बिना डॉक्टर को दिखाए ही वापस लौटना पड़ा। इलाज कराने पहुंचे मरीजों ने कहा कि इंटर्न मेडिकोज की मांगों का जल्द समाधान होना चाहिए। वहीं इंटर्न मेडिकोज का कहना है कि उन्हें वर्तमान में हर महीने महज 7,500 रुपये स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जबकि वे इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 1,200 से 1,500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। करीब 30 सीनियर डॉक्टरों की निगरानी में मरीजों का उपचार किया जाता है। गुरुवार को इंटर्न मेडिकोज के प्रदर्शन के कारण ओपीडी का काम प्रभावित हुआ। हालांकि, दूर-दराज से आने वाले मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए अलग से इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
डिप्टी सीएम ने दिया था समाधान का भरोसा
प्रदर्शन कर रहे इंटर्न ने बताया कि स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलन किया जा रहा है। शुरुआत में कॉलेज परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। इसके बाद चौराहे पर भी प्रदर्शन किया गया। इंटर्न मेडिकोज ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मुलाकात कर अपनी मांग रखी थी। उन्हें मांग पर विचार और समाधान का भरोसा दिया गया, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं होने के कारण आंदोलन आगे बढ़ाना पड़ा।
GPO पर प्रदर्शन के बाद OPD बंद करने का फैसला
इंटर्न के मुताबिक एक दिन पहले इंटर्न मेडिकोज ने जीपीओ पर भी प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद जब उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो गुरुवार को अस्पताल की ओपीडी बंद रखने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के कारण मरीजों को हो रही परेशानी का उन्हें अहसास है और मरीजों के प्रति पूरी सहानुभूति है। उनका कहना है कि इंटर्न मेडिकोज अपनी मांगों को लेकर लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात शासन तक पहुंचा रहे हैं और चाहते हैं कि सरकार जल्द इस मामले में फैसला ले।
मंत्री और निदेशक स्तर पर हो रही है बैठक
राजकीय नेशनल होम्योपैथिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विजय कुमार पुष्कर ने बताया कि इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर शासन को पहले ही अवगत कराया जा चुका है। आज शाम 4 बजे मंत्री और निदेशक के साथ इस मामले को लेकर बैठक होनी है। उन्होंने कहा कि निदेशक स्तर से भी इस मामले में प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इंटर्न डॉक्टरों की मांग का समाधान हो जाएगा।