सरयू के बढ़े जलस्तर से कटान का खतरा, हेतमापुर पहुंचे एडीएम; युद्धस्तर पर कटानरोधी कार्य के निर्देश


बाराबंकी। जिले में लगातार हुई अतिवृष्टि के बाद सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी (वि/रा) निरंकार सिंह ने रामनगर तहसील क्षेत्र के हेतमापुर गांव पहुंचकर बाढ़ और कटान की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली और संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से सुरक्षा उपाय बढ़ाने के निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी ने बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटानरोधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर कटान का खतरा अधिक है, वहां युद्धस्तर पर सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएं। नदी के जलस्तर और कटान की स्थिति की लगातार निगरानी की जाए, ताकि परिस्थितियों में बदलाव होने पर तत्काल प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और श्रमशक्ति लगाकर कटानरोधी कार्यों को तेजी से पूरा कराया जाए। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। किसी भी तरह की आपात स्थिति उत्पन्न होने पर राहत और बचाव कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए।
प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के निर्देश
एडीएम निरंकार सिंह ने एसडीएम रामनगर आकांक्षा गुप्ता को प्रभावित परिवारों को तत्काल आवश्यक राहत और अनुमन्य सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों के लिए भोजन समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं। प्रशासनिक और संबंधित विभागों की टीमें प्रभावित क्षेत्र में सक्रिय रहकर स्थिति पर नजर रखें।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता से काम करने को कहा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जा सके। एडीएम ने स्पष्ट किया कि प्रभावित क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कटानरोधी और राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता नहीं होनी चाहिए। नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के साथ आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान सीओ जगतराम कनौजिया, अधिशासी अभियंता बाढ़ शशिकांत सिंह, तहसीलदार रामनगर समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।