बारिश बनी किसानों के लिए आफत, खेतों में पहुंचकर मंत्री सतीश शर्मा ने देखा फसल नुकसान

रामसनेहीघाट, बाराबंकी। पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी धान, केला, गन्ना समेत अन्य फसलों पर बारिश का असर दिखाई देने लगा है। किसानों की समस्याओं और फसल क्षति की वास्तविक स्थिति जानने के लिए राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने रविवार को दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र के तहसील रामसनेहीघाट अंतर्गत ग्राम इब्राहिमाबाद पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उनके साथ उपजिलाधिकारी बृजेंद्र उपाध्याय समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान मंत्री सतीश शर्मा ने खेतों में पहुंचकर बारिश से प्रभावित फसलों की स्थिति देखी और किसानों से सीधे संवाद किया। किसानों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है और कई स्थानों पर फसल गिरने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है। किसानों ने फसल क्षति का जल्द सर्वे कराने और नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
मंत्री ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि तहसील क्षेत्र में बारिश से प्रभावित फसलों का शीघ्र सर्वे कराया जाए। उन्होंने सर्वे की प्रक्रिया को पारदर्शी रखने और वास्तविक रूप से प्रभावित किसानों की फसल क्षति को दर्ज करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र किसानों को नियमानुसार राहत एवं क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा सके।
सतीश शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। प्रभावित किसानों की फसल क्षति का वास्तविक आकलन कराकर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बारिश से प्रभावित किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय से राहत मिल सके।
धान के साथ केला और गन्ने की फसल भी प्रभावित
इब्राहिमाबाद क्षेत्र में बारिश का असर केवल धान की फसल तक सीमित नहीं है। किसानों ने केला, गन्ना और अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी दी। तैयार धान की फसल पर लगातार बारिश और तेज हवाओं का असर किसानों के लिए विशेष चिंता का विषय बना हुआ है। खेतों में पानी भरने से फसलों के खराब होने की आशंका भी बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि खेती में बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और अन्य संसाधनों पर पहले ही काफी खर्च हो चुका है। ऐसे में फसल को नुकसान होने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द क्षति का आकलन कराकर राहत उपलब्ध कराने की मांग की।
अधिकारियों को मौके पर दिए समयबद्ध सर्वे के निर्देश
स्थलीय निरीक्षण के दौरान मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से बारिश और फसल क्षति की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रभावित गांवों को चिह्नित कर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और पात्र किसानों को शासन की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार राहत एवं क्षतिपूर्ति दिलाने की कार्रवाई समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए।
मंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने और किसानों के साथ संवाद बनाए रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल क्षति के आंकलन में वास्तविक स्थिति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिससे किसी पात्र किसान को राहत से वंचित न होना पड़े।
किसानों ने मंत्री को बताईं अपनी परेशानियां
खेतों में निरीक्षण के दौरान किसानों ने बारिश से पैदा हुई समस्याओं के बारे में मंत्री को जानकारी दी। किसानों ने आशंका जताई कि यदि बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहा तो फसलों को और नुकसान हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराने और नुकसान के आधार पर नियमानुसार राहत दिलाने की मांग की।
मंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। उन्होंने कहा कि फसल क्षति के आकलन के लिए आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी की जाएगी।
सरकार किसानों के साथ खड़ी : सतीश शर्मा
सतीश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील है। कठिन परिस्थितियों में किसानों को नियमानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को प्रभावी ढंग से कार्य करना होगा।
निरीक्षण के दौरान भाजपा से जुड़े स्थानीय कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया। अब किसानों को फसल क्षति के सर्वे और उसके आधार पर मिलने वाली राहत का इंतजार है। सर्वे के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बारिश से किन किसानों की कितनी फसल प्रभावित हुई है और नियमानुसार कौन-कौन से किसान क्षतिपूर्ति के पात्र होंगे।
लगातार बारिश के बीच मंत्री का खेतों में पहुंचकर किसानों से संवाद करना ऐसे समय हुआ है, जब बाराबंकी जिले के कई हिस्सों में बारिश से खेती-किसानी प्रभावित होने की सूचनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासनिक स्तर पर होने वाला फसल क्षति सर्वे किसानों को मिलने वाली राहत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।