प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर सरकार बैकफुट पर: आप का दावा—जनसंघर्ष के बाद व्यवस्था खत्म

लखनऊ, 05 मई 2026। आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि प्रदेशभर में चलाए गए जनसंघर्ष और विरोध प्रदर्शनों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार को प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर बैकफुट पर आना पड़ा है। पार्टी के अनुसार, सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिसे 25 करोड़ जनता की जीत बताया जा रहा है।
आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर के खिलाफ पार्टी ने चरणबद्ध आंदोलन चलाया, जिसमें प्रदेशभर में कार्यकर्ता और आम लोग सड़कों पर उतरे। 28 अप्रैल को प्रेस वार्ता के जरिए आंदोलन का ऐलान किया गया था, जिसके बाद 3 मई को सभी जनपदों में विरोध प्रदर्शन हुए। कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं पर मुकदमे भी दर्ज किए गए, लेकिन आंदोलन जारी रहा।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर “स्मार्ट चीटर” बनकर जनता को लूट रहे थे। उन्होंने कहा कि जहां पहले ₹1500 तक का बिजली बिल आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह ₹6000 से ₹7000 तक पहुंच गया। साथ ही, रिचार्ज के बावजूद घंटों बिजली न मिलना सरकार की बड़ी विफलता रही।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अब नए कनेक्शनों में प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म करने और पहले से लगे मीटरों को पोस्टपेड में बदलने का निर्णय लिया है। हालांकि, उन्होंने इसे “अधूरी जीत” बताते हुए कहा कि जब तक स्मार्ट मीटर के जरिए कथित शोषण पूरी तरह बंद नहीं होगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
संजय सिंह ने कहा कि यह जीत केवल आम आदमी पार्टी की नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की है, जिसने सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने साफ किया कि पार्टी आगे भी जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी।