अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंची पुलिस, सिग्नेचर जालसाजी मामले में जांच तेज

नई दिल्ली/अमर भारती। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले की जांच के बीच शनिवार सुबह कोलकाता पुलिस और केंद्रीय बलों की एक टीम उनके कालीघाट स्थित आवास पर पहुंची। पुलिस की इस कार्रवाई से राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
कथित सिग्नेचर जालसाजी मामले में जांच एजेंसियां सक्रिय
जानकारी के अनुसार, शालबानी पुलिस थाने के अधिकारी सुबह कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंचे। उनके साथ कोलकाता पुलिस के जवानों के अलावा केंद्रीय सुरक्षा बल के कर्मी भी मौजूद थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पुलिस अभिषेक बनर्जी के एक सहयोगी की तलाश में उनके आवास पहुंची है।
कालीघाट स्थित आवास पर पुलिस और केंद्रीय बलों की मौजूदगी
सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम ने घर के भीतर प्रवेश कर तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान महिला पुलिसकर्मियों समेत कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अभिषेक के सहयोगी की तलाश में पहुंची पुलिस टीम
गौरतलब है कि कथित सिग्नेचर (हस्ताक्षर) जालसाजी मामले की जांच फिलहाल पश्चिम बंगाल सीआईडी कर रही है। आरोप है कि कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों का फर्जी तरीके से इस्तेमाल किया गया था। इसी मामले को लेकर जांच एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। बीते कुछ दिनों के दौरान सीआईडी और अन्य जांच एजेंसियों की टीमें कई बार अभिषेक बनर्जी के आवास और संबंधित परिसरों का दौरा कर चुकी हैं।
सीआईडी जांच के बीच बढ़ीं टीएमसी सांसद की मुश्किलें
रिपोर्टों के मुताबिक, सीआईडी इससे पहले कालीघाट स्थित टीएमसी कार्यालय और अन्य संबंधित स्थानों पर भी जांच कर चुकी है। जांच का मुख्य फोकस उन दस्तावेजों और कथित फर्जी हस्ताक्षरों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करना है, जिनके आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
अभिषेक बनर्जी के आवास पर कार्रवाई से मचा सियासी हलचल
इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी शनिवार को टीएमसी विधायक मदन मित्रा के दक्षिणेश्वर स्थित आवास पर छापेमारी की। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई कथित भर्ती घोटाले से जुड़े मामले की जांच के तहत की जा रही है। ईडी की टीम ने दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की।
टीएमसी नेताओं पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता हुआ
एक ही दिन में टीएमसी के दो प्रमुख नेताओं से जुड़े घटनाक्रमों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। विपक्ष इन मामलों को लेकर राज्य सरकार और सत्तारूढ़ दल पर निशाना साध रहा है, जबकि टीएमसी इन कार्रवाइयों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बता रही है। फिलहाल सभी की नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और मामले में सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हुई है।
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