
लखीमपुर खीरी। भूखे को भोजन, बेघर को मकान और जरूरतमंद को इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संत रामपाल महाराज के अनुयायियों की ओर से संचालित अन्नपूर्णा सेवा मुहिम जिले के जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रही है। आयोजकों के अनुसार, लखीमपुर खीरी में अत्यंत गरीब, बेसहारा और असहाय 10 परिवारों को अन्नपूर्णा किट उपलब्ध कराई गई है।

परिजनों के अनुसार, शासन-प्रशासन से मदद के लिए कई बार प्रयास करने के बावजूद सहायता नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्होंने YouTube पर अन्नपूर्णा मुहिम से संबंधित जानकारी प्राप्त कर दिए गए संपर्क नंबरों पर सहायता के लिए प्रार्थना की। आयोजकों का कहना है कि प्रार्थना प्राप्त होने के बाद लखीमपुर की सर्वे टीम ने 48 घंटे के भीतर संबंधित गांवों में पहुंचकर परिवारों का भौतिक सत्यापन किया और रिपोर्ट भेजी। इसके बाद चयनित परिवारों को अन्नपूर्णा राशन किट उपलब्ध कराई गई।

प्रमुख लाभार्थियों में तहसील मितौली के सुनौरा गांव निवासी कमल किशोर शुक्ला, तहसील सदर के राजेंद्र सिंह, तहसील लखीमपुर की संध्या गुप्ता, आंचल देवी, रामश्री और तहसील पलिया के कमलेश सिंह सहित 10 परिवार शामिल हैं।
आयोजकों के मुताबिक, एक अन्नपूर्णा किट में एक परिवार के करीब एक माह के लिए आवश्यक राशन और दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल है। इसमें आटा, चावल, चना दाल, उड़द दाल, सरसों का तेल, चीनी, चायपत्ती, दूध पाउडर, गरम मसाला, नहाने का साबुन, कपड़े धोने का साबुन और डिटर्जेंट पाउडर शामिल हैं। आयोजकों का दावा है कि परिवार के आत्मनिर्भर होने तक यह सहायता हर महीने जारी रखी जाएगी।

जिला कोऑर्डिनेटर रवि कुमार वर्मा ने बताया कि अन्नपूर्णा सेवा केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, अभियान के तहत जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान, बीमार लोगों को निःशुल्क उपचार तथा अनाथ बच्चों की शिक्षा और कपड़ों की व्यवस्था में भी सहयोग किया जा रहा है।
आयोजकों ने बताया कि पिछले वर्ष हरियाणा और पंजाब में आई बाढ़ के दौरान भी संत रामपाल महाराज के अनुयायियों ने प्रभावित किसानों की फसलों से पानी निकालने में सहयोग किया था। उनका कहना है कि निजी मोटर और पाइप लगाकर जलमग्न खेतों से पानी निकालने का प्रयास किया गया।
अन्नपूर्णा सेवा से जुड़े लोगों ने मानव सेवा को अभियान का मुख्य उद्देश्य बताते हुए कहा कि जरूरतमंदों की सहायता ही सच्ची सेवा है। इसी उद्देश्य के साथ जिले में भी गरीब और असहाय परिवारों तक भोजन व अन्य आवश्यक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।