टिकैतनगर की बदहाल सड़कें: टूटी क्रॉस नालियों ने बढ़ाया हादसों का खतरा, शिकायतों के बाद भी बेपरवाह नगर पंचायत


टिकैतनगर (बाराबंकी)। आदर्श नगर पंचायत टिकैतनगर में विकास कार्यों की हकीकत सड़कों पर बिखरी दिखाई दे रही है। नगर के मुख्य मार्गों, बाजारों और कई मोहल्लों में क्रॉस नालियों के जाल (ढक्कन) एवं पत्थर लंबे समय से टूटे पड़े हैं। इन क्षतिग्रस्त नालियों के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों को प्रतिदिन जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर पंचायत प्रशासन ने समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।


नगर के विभिन्न हिस्सों में नालियों के लोहे के जाल टूट जाने से कई स्थानों पर नालियां खुली पड़ी हैं। कहीं जाल धंस चुके हैं तो कहीं पत्थर पूरी तरह टूटकर बिखर गए हैं। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ते जानलेवा साबित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार बाइक और साइकिल चालक इन टूटे हुए हिस्सों में फंसकर गिर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की नींद नहीं टूटी।
बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। बारिश का पानी सड़कों पर भर जाने से टूटे हुए जाल और खुले नाले दिखाई नहीं देते। ऐसे में अनजान राहगीर और वाहन चालक सीधे इन गड्ढों में पहुंच जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।


स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में टूटी नालियों के कारण ग्राहकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दुकानों तक पहुंचने में लोगों को दिक्कत होती है और कई बार वाहन फंसने से जाम जैसी स्थिति भी बन जाती है। इससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। दुकानदारों का आरोप है कि नगर पंचायत केवल कागजों पर विकास कार्य दिखा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
नगरवासियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार अधिशासी अधिकारी और नगर पंचायत के कर्मचारियों को मौखिक एवं लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। महीनों बीत जाने के बाद भी न तो टूटे जाल बदले गए और न ही क्षतिग्रस्त पत्थरों की मरम्मत कराई गई। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी आमजन की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मुद्दे को भी नजरअंदाज कर रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि नगर पंचायत का पहला दायित्व नागरिकों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना है। यदि सड़कों और नालियों की नियमित निगरानी होती तो ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होती। उनका कहना है कि छोटी-सी लापरवाही किसी परिवार के लिए बड़ी त्रासदी बन सकती है।
नगरवासियों ने जिलाधिकारी बाराबंकी और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पूरे नगर का सर्वे कराकर सभी क्षतिग्रस्त क्रॉस नालियों के जाल, ढक्कन और पत्थरों को तत्काल बदला जाए। साथ ही नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्याएं दोबारा उत्पन्न न हों।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका स्पष्ट कहना है कि विकास के दावे तभी सार्थक होंगे, जब आम नागरिक बिना डर और परेशानी के सुरक्षित आवागमन कर सकें। फिलहाल टिकैतनगर की टूटी क्रॉस नालियां नगर पंचायत की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।