चीन ने पहली बार दिखाई DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइल की लॉन्चिंग, अमेरिका और सहयोगियों को दिया बड़ा संदेश

चीन ने पहली बार DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइल की लॉन्चिंग का वीडियो सार्वजनिक किया है। यह मिसाइल मैक-5 से अधिक गति से उड़ान भरने में सक्षम है और चीन की उन्नत सैन्य क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

चीन की DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइल का लॉन्च दृश्य
CCTV द्वारा पहली बार जारी DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइल लॉन्च का फुटेज।

नई दिल्ली/अमर भारती। चीन ने अपनी उन्नत सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए पहली बार DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइल की लॉन्चिंग का वीडियो सार्वजनिक किया है। चीन के सरकारी प्रसारक CCTV द्वारा प्रसारित इस फुटेज को क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक रणनीतिक संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम के जरिए चीन ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण “फर्स्ट आइलैंड चेन” क्षेत्र में अपनी निवारक क्षमता और सैन्य तैयारियों का संदेश दिया है।

CCTV ने पहली बार दिखाया लॉन्च फुटेज

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को प्रसारित एक सैन्य कार्यक्रम में सड़क से संचालित रोड-मोबाइल DF-17 लॉन्चर की तैनाती और उसके बाद मिसाइल के वर्टिकल लॉन्च को दिखाया गया। वीडियो में गोबी रेगिस्तान स्थित रॉकेट फोर्स के प्रशिक्षण क्षेत्र में विभिन्न सैन्य इकाइयों द्वारा संयुक्त अभ्यास के दृश्य भी शामिल थे। इस दौरान कई प्रकार के युद्धाभ्यास और मिसाइल संचालन क्षमता का प्रदर्शन किया गया।

क्या है DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइल?

DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइल को पहली बार वर्ष 2019 में बीजिंग में आयोजित सैन्य परेड के दौरान सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया था। यह मिसाइल एक हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) को मैक-5 से अधिक गति से ले जाने में सक्षम है। हाइपरसोनिक गति के कारण इस मिसाइल को ट्रैक करना और इंटरसेप्ट करना बेहद कठिन माना जाता है। यही वजह है कि इसे आधुनिक युद्ध प्रणाली में अत्यंत प्रभावी हथियारों की श्रेणी में रखा जाता है।

DF-17 मिसाइल की प्रमुख विशेषताएं

  • अनुमानित मारक क्षमता: 1,800 से 2,500 किलोमीटर
  • हाइपरसोनिक ग्लाइड तकनीक से लैस
  • मैक-5 से अधिक गति
  • रोड-मोबाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म
  • दुश्मन की मिसाइल रक्षा प्रणाली को चकमा देने की क्षमता

क्यों महत्वपूर्ण है फर्स्ट आइलैंड चेन?

फर्स्ट आइलैंड चेन पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र का एक रणनीतिक भू-राजनीतिक क्षेत्र है, जहां अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सैन्य उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार DF-17 जैसी मिसाइलें इस क्षेत्र में चीन की सैन्य पहुंच और प्रतिरोध क्षमता को मजबूत बनाती हैं। इसकी रेंज फर्स्ट आइलैंड चेन के साथ-साथ सेकंड आइलैंड चेन के कुछ हिस्सों तक भी प्रभावी मानी जाती है।

रॉकेट फोर्स की युद्धक तैयारियों का प्रदर्शन

CCTV ने मिसाइल लॉन्च के साथ-साथ चीन की पीएलए रॉकेट फोर्स की युद्धक तैयारियों को भी प्रमुखता से दिखाया। रिपोर्ट में बताया गया कि सैनिक इकाइयां इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हस्तक्षेप, सटीक जवाबी हमलों और जटिल युद्ध परिस्थितियों में संचालन के लिए नियमित रूप से उच्च-तीव्रता वाले संयुक्त अभ्यास कर रही हैं। वीडियो में लंबी दूरी की इंटरमीडिएट-रेंज DF-26 मिसाइल प्रणाली को भी दिखाया गया, हालांकि उसका लॉन्च फुटेज प्रसारित नहीं किया गया।

सैन्य वर्षगांठ से पहले जारी हुआ वीडियो

यह वीडियो ऐसे समय जारी किया गया है जब 1 जुलाई को चीन की पूर्व सेकंड आर्टिलरी फोर्स की 60वीं वर्षगांठ मनाई जानी है। यही इकाई आगे चलकर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) रॉकेट फोर्स के रूप में विकसित हुई। विश्लेषकों का मानना है कि इस अवसर से पहले मिसाइल लॉन्च फुटेज जारी करना चीन की सैन्य उपलब्धियों और आधुनिक हथियार प्रणालियों को प्रदर्शित करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

अमेरिका और क्षेत्रीय देशों के लिए क्या है संदेश?

पीएलए एकेडमी ऑफ मिलिट्री साइंस के शोधकर्ता और सेवानिवृत्त वरिष्ठ कर्नल डू वेनलोंग ने कहा कि यह फुटेज दर्शाता है कि चीन की मिसाइल इकाइयां कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और जटिल युद्ध वातावरण में भी प्रभावी ढंग से कार्य कर सकती हैं। वहीं पूर्व सैन्य प्रशिक्षक सोंग झोंगपिंग के अनुसार, वीडियो से संकेत मिलता है कि DF-17 प्रणाली लंबे समय से परिचालन में है और नियमित सैन्य अभ्यास इसके प्रदर्शन और विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।

बढ़ रही है हाइपरसोनिक हथियारों की होड़

विशेषज्ञों का मानना है कि DF-17 के लॉन्च फुटेज का सार्वजनिक प्रसारण केवल तकनीकी उपलब्धि का प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी है। इससे यह संकेत मिलता है कि चीन अपनी हाइपरसोनिक क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है। ऐसे समय में जब अमेरिका, रूस और अन्य प्रमुख शक्तियां भी हाइपरसोनिक हथियारों के विकास में निवेश कर रही हैं, चीन का यह कदम वैश्विक सैन्य प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकता है। DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइल की लॉन्चिंग का वीडियो जारी कर चीन ने अपनी उन्नत मिसाइल तकनीक और सैन्य तैयारियों का प्रदर्शन किया है। विशेषज्ञ इसे क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों और वैश्विक शक्ति संतुलन के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक संकेत मान रहे हैं।

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