
लखनऊ। ईश्वर की अनुकम्पा एवं उपाध्याय श्री आदि सागर जी के आशीर्वाद से श्रीमती पल्लवी जैन पत्नी श्री जितेन्द्र जैन, श्रष्टी, पुरु जैन, श्रीमती सारिका जैन ने दस दिन के कठिन व्रत एवं उपवास दसलक्षण व्रत को सकुशल पूर्ण कर रविवार प्रातः डालीगंज जैन मंदिर में मुनिश्री के सानिध्य में पारणा किया।

शैलेन्द्र जैन ने बताया कि जैन धर्म में चातुर्मास विशेषकर भाद्रपद मास के अंतिम दस दिनों में अनेक धर्मप्रेमी एक, तीन और दस दिन तक बिना खाए-पिए व्रत एवं उपवास करते हैं, जो अत्यंत कठिन तप माना जाता है। इसी क्रम में आज प्रातः सभी त्यागी व्रतियों ने मुनिश्री एवं अनंतमती बाई जी के सानिध्य में पारणा किया।

पारणा के अवसर पर व्रतियों का स्वागत बाजे-गाजे के साथ हुआ। परिवारजनों और साधर्मी बंधुओं ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया और दाल का पानी पिलाकर पारणा कराया। मुनिश्री ने सभी व्रतियों को इस कठिन तप के सफल निर्वाह के लिए आशीर्वाद देते हुए उन्हें धर्ममार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर सुबोध जैन, मनोज जैन, ज्ञान जैन, अतुल जैन सहित व्रतियों के परिवारजन एवं बड़ी संख्या में साधर्मी बंधु उपस्थित रहे और धर्मलाभ लिया।