दतिया NH-44 हिंसा: टिकट विवाद के बाद हाईवे जाम, पुलिस पर पथराव, कई अधिकारी घायल

दतिया NH-44 हिंसा में नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद समर्थकों ने हाईवे जाम किया। पुलिस पर पथराव, कई अधिकारी घायल, प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई।

दतिया NH-44 हिंसा के दौरान हाईवे पर प्रदर्शन और पुलिस बल की तैनाती
नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के विरोध में दतिया में NH-44 जाम, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प।

नई दिल्ली/अमर भारती। दतिया NH-44 हिंसा में नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद समर्थकों ने हाईवे जाम किया। पुलिस पर पथराव, कई अधिकारी घायल, प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई। मध्य प्रदेश के दतिया NH-44 हिंसा मामले ने प्रदेश की राजनीति और कानून-व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद उनके समर्थकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विरोध इतना उग्र हो गया कि हजारों प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 पर चक्का जाम कर दिया। हालात उस समय और बिगड़ गए जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ तथा पुलिस बल पर पथराव किया गया।

3000 से अधिक प्रदर्शनकारी पहुंचे, हाईवे पर लगा लंबा जाम

पुलिस प्रशासन के अनुसार शुक्रवार शाम से ही बड़ी संख्या में समर्थक दतिया शहर में एकत्र होने लगे थे। प्रदर्शनकारियों ने पहले बाजार बंद कराने का प्रयास किया और बाद में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। करीब 3000 से अधिक प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन के मुताबिक लगभग 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे दतिया के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी यातायात प्रभावित हुआ। कई यात्री घंटों तक सड़क पर फंसे रहे।

प्रशासन ने बातचीत से समाधान की कोशिश की

स्थिति को शांत करने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय रहा। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने प्रदर्शनकारियों से कई दौर की बातचीत की और उन्हें हाईवे खाली करने की अपील की। प्रशासन ने समझाने का प्रयास किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग को लंबे समय तक बंद रखने से आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे और रास्ता खाली करने को तैयार नहीं हुए।

तड़के 4 बजे पुलिस पर हुआ पथराव

दतिया NH-44 हिंसा ने शनिवार तड़के नया मोड़ ले लिया। पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के अनुसार, सुबह करीब 4 बजे अचानक प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस बल पर भारी पथराव शुरू कर दिया गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद पथराव और तेज हो गया। इस हिंसक घटना में 6 से अधिक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान स्वयं पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल तथा एडिशनल एसपी भी घायल हो गए। पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

आंसू गैस के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा

पथराव के बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया और दोबारा आंसू गैस का इस्तेमाल कर भीड़ को पीछे हटाया। इसके बाद सुरक्षा बलों ने हाईवे और आसपास के इलाकों पर नियंत्रण स्थापित किया। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के बाद अधिकांश उपद्रवी मौके से भाग गए और अलग-अलग स्थानों पर छिप गए। प्रशासन लगातार इलाके में सर्च अभियान चला रहा है ताकि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

पुलिस ने दी सख्त चेतावनी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से आत्मसमर्पण करने या शांतिपूर्ण तरीके से हटने की अपील की है। अब तक कई लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है और वीडियो फुटेज, सीसीटीवी तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, हिंसा फैलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हालात

घटना के बाद प्रशासन ने पूरे दतिया शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। हाईवे से जाम हटाने का काम तेजी से किया गया और यातायात को धीरे-धीरे सामान्य बनाया जा रहा है।संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है ताकि किसी भी नई अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

दतिया NH-44 हिंसा ने यह दिखाया कि राजनीतिक असहमति यदि उग्र रूप ले ले तो उसका सबसे अधिक असर आम जनता और कानून-व्यवस्था पर पड़ता है। हजारों लोगों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किए जाने से आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प में कई अधिकारी घायल हो गए। फिलहाल प्रशासन स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने में जुटा हुआ है।