टेरर फंडिंग और अवैध घुसपैठ नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और महाराष्ट्र में 13 स्थानों पर छापेमारी की।

नई दिल्ली/अमर भारती। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टेरर फंडिंग और कथित अवैध घुसपैठ नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए देश के पांच राज्यों में 13 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई। जांच एजेंसी की इस कार्रवाई का उद्देश्य संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, विदेशी फंडिंग और कथित अवैध नेटवर्क के आर्थिक स्रोतों का पता लगाना है। अधिकारियों के मुताबिक, ईडी की लखनऊ जोनल ऑफिस की टीम ने राज्य पुलिस के सहयोग से कई शहरों में एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया, जो खबर लिखे जाने तक जारी था।
इन राज्यों में हुई कार्रवाई
ईडी की टीमों ने नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और महाराष्ट्र में अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के प्रमुख स्थानों में दिल्ली के बाटला हाउस और मदनपुर खादर, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, महाराष्ट्र के रायगढ़, तथा पश्चिम बंगाल के कोलकाता, मुर्शिदाबाद, नॉर्थ 24 परगना और साउथ 24 परगना शामिल हैं। जांच एजेंसी इन स्थानों पर दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है।
किन संस्थानों की हो रही है जांच?
ईडी की टीम कथित तौर पर कुछ सामाजिक और शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों की भी तलाशी ले रही है। इनमें सन शाइन हेल्थ एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी, कबीरबाग मिल्लत एकेडमी और अल-जामियातुल इस्लामिया दारुल उलूम सहित कुछ अन्य स्थान शामिल हैं। हालांकि, किसी संस्था या व्यक्ति के खिलाफ आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
क्या है पूरा मामला?
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) द्वारा दर्ज एक एफआईआर के आधार पर की जा रही है। एफआईआर में आरोप है कि एक संगठित गिरोह कथित रूप से रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध घुसपैठ, उनके लिए फर्जी भारतीय पहचान पत्र तैयार कराने और देश के विभिन्न हिस्सों में बसाने में मदद कर रहा था। इन्हीं आरोपों से जुड़े संभावित मनी लॉन्ड्रिंग पहलुओं की जांच अब ईडी कर रही है।
फाइनेंशियल नेटवर्क की जांच के दायरे में कई बैंक खाते
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती पड़ताल में एक जटिल वित्तीय नेटवर्क के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसी को संदेह है कि कुछ चैरिटेबल ट्रस्ट और संस्थाओं के माध्यम से विदेशी फंड प्राप्त किए गए और कथित तौर पर कई बैंक खातों, म्यूल अकाउंट्स तथा मल्टी-लेयर ट्रांजैक्शनों के जरिए धन का प्रवाह किया गया। ईडी यह भी जांच कर रही है कि कहीं संदिग्ध लाभार्थियों तक नकद निकासी और छोटे-छोटे बैंक ट्रांसफर के जरिए धन तो नहीं पहुंचाया गया।
जांच अभी जारी
फिलहाल ईडी की तलाशी और दस्तावेजों की जांच जारी है। एजेंसी जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों का विश्लेषण करेगी। जांच के बाद यदि पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो आगे गिरफ्तारी, संपत्ति जब्ती या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, जांच एजेंसियों द्वारा लगाए गए आरोप इस समय जांच के दायरे में हैं और संबंधित पक्षों का पक्ष या न्यायालय का अंतिम फैसला आना अभी बाकी है।
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