गोवर्धन (मथुरा)।गोवर्धन की पवित्र मानसी गंगा में लगातार श्रद्धालुओं की डूबने से हो रही मौतों और प्रशासनिक लापरवाही के विरोध में समाज सेविका एवं धर्माचार्य विनोदी सिंह चौधरी ने गुरुवार से मानसी गंगा तट पर आमरण अनशन शुरू कर दिया। अनशन के माध्यम से उन्होंने सात सूत्रीय मांगें उठाते हुए गोवर्धन के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को उनकी कार्यशैली के चलते हटाने की मांग भी की है।

अनशनकारियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में मानसी गंगा में डूबने से 8 से 9 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए न तो प्रभावी बैरिकेडिंग की गई है और न ही स्थायी बचाव व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
विनोदी सिंह चौधरी ने आरोप लगाया कि कई बार शासन और प्रशासन को इस संबंध में अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि जब तक मानसी गंगा, राधाकुंड और अन्य पवित्र कुंडों पर श्रद्धालुओं के सुरक्षित स्नान की समुचित व्यवस्था नहीं की जाती और उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।
अनशन को विष्णु स्वामी रुद्र संप्रदाय निर्मोही अखाड़ा खालसा पंथ के पीठाधीश्वर युवराज डॉ. केशव आचार्य गोस्वामी सहित कई संतों और स्थानीय लोगों का समर्थन मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सामाजिक कार्यकर्ता भी अनशन स्थल पर पहुंचे।
अनशनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मानसी गंगा के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं दिख रहे हैं। उनका दावा है कि विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता के कारण मानसी गंगा की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि अनशन स्थल पर प्रशासन की ओर से न तो चिकित्सकीय व्यवस्था की गई है और न ही अनशनकारियों के लिए अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है।
विनोदी सिंह चौधरी ने बताया कि वह पहले भी गोवर्धन एसडीएम की कार्यशैली को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप चुकी हैं। अब उन्होंने अपने सात सूत्रीय मांगपत्र में एसडीएम को हटाने की मांग को भी प्रमुखता से शामिल किया है।
गौरतलब है कि मानसी गंगा गोवर्धन की प्रमुख धार्मिक धरोहरों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।