
वृंदावन। Hema Malini ने 21वीं सदी के भक्त-प्रवर कविवर दास नारायण द्वारा रचित भजनों पर आधारित पुस्तक ‘कृष्ण भक्ति-पद’ का भव्य विमोचन किया। कार्यक्रम में प्रख्यात कथावाचक Aniruddhacharya Maharaj समेत कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
कार्यक्रम का आयोजन Gita Shodh Sansthan Evam Raslila Academy में किया गया, जहां भजन गायन और आध्यात्मिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। पुस्तक का संपादन डॉ. उमेश चंद्र शर्मा ने किया है।
अपने संबोधन में हेमा मालिनी ने कहा कि कविवर दास नारायण के भजनों की यह पुस्तक श्रीकृष्ण भक्ति से जोड़ने का अत्यंत सुंदर माध्यम है। उन्होंने कहा कि पुस्तक के पद सीधे हृदय को स्पर्श करते हैं और भक्ति साहित्य के क्षेत्र में यह एक अमूल्य धरोहर है।
कविवर दास नारायण ने बताया कि पुस्तक में कृष्ण भक्ति को समर्पित लगभग 200 पदों का संकलन किया गया है। वहीं अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि कलियुग में कीर्तन और भक्ति-पद ईश्वर प्राप्ति का सबसे सरल और प्रभावी साधन हैं।
GLA University के कुलपति प्रो. अनूप गुप्ता ने कहा कि यह पुस्तक केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि राधा-कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण का सजीव प्रकटीकरण है। मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार रहीस सिंह ने इसे वर्तमान समय की एक उत्कृष्ट साहित्यिक कृति बताया।
कार्यक्रम के दौरान वाणी प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अरुण माहेश्वरी ने पुस्तक की साहित्यिक और आध्यात्मिक विशेषताओं पर प्रकाश डाला। समारोह के अंत में भजन गायक कन्हैया लाल चतुर्वेदी और सौरभ चतुर्वेदी ने कृष्ण भक्ति पदों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन ब्रज भूषण चतुर्वेदी एवं गीता शोध संस्थान के कोऑर्डिनेटर चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने किया। इस अवसर पर कई साहित्यकारों, कलाकारों और सामाजिक हस्तियों को सम्मानित भी किया गया।