राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: जांच तेज, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने छोड़े पद, आरोपियों पर कार्रवाई जारी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज हो गई है। कई गिरफ्तारियों के बीच आरोपियों की संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।

Ram Mandir in Ayodhya as investigation continues into the alleged donation theft case.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस और अन्य एजेंसियां आरोपियों की भूमिका और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही हैं।

नई दिल्ली/अमर भारती। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और गबन मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच एजेंसियां आरोपियों की संपत्तियों, वित्तीय लेनदेन और कथित अवैध निर्माणों की भी जांच कर रही हैं। इसी बीच राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि ट्रस्ट के नियमों के अनुसार दोनों व्यक्तियों का ट्रस्टी पद बरकरार रहेगा। सूत्रों के मुताबिक, उनके इस्तीफे केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़े हैं और वे ट्रस्ट के सदस्य बने रहेंगे। ट्रस्ट नियमों के तहत किसी ट्रस्टी को हटाने की प्रक्रिया अलग और कानूनी रूप से जटिल मानी जाती है।

आठ लोगों की गिरफ्तारी, जांच जारी

पुलिस के अनुसार, दान और चढ़ावे की गणना प्रक्रिया से जुड़े कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित गबन का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से छह वाराणसी स्थित सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज (SSS) नामक एजेंसी के कर्मचारी बताए जा रहे हैं। इस एजेंसी को अयोध्या में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की नया घाट शाखा द्वारा सुरक्षा संबंधी कार्यों के लिए नियुक्त किया गया था।

मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा की संपत्ति पर नजर

मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल लवकुश मिश्रा की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने उनकी पत्नी के नाम पर बने एक मकान को लेकर नोटिस जारी किया है। प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक, सोहावल तहसील के बनवीरपुर गांव में निर्माणाधीन यह मकान बिना आवश्यक स्वीकृति के बनाया जा रहा था। बताया गया है कि संबंधित जमीन आरोपी की पत्नी के नाम पर खरीदी गई थी और निर्माण कार्य के लिए विकास प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले में आगे की कार्रवाई के तहत अवैध निर्माण पर नियमानुसार कदम उठाए जा सकते हैं।

परिवार से पूछताछ और वित्तीय जांच

पुलिस ने हाल ही में लवकुश मिश्रा के आवास की तलाशी भी ली। जांच के दौरान परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की गई। इसके साथ ही आर्थिक पहलुओं की जांच भी तेज कर दी गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा आरोपी के परिवार से जुड़े कुछ लोगों को नोटिस भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि एजेंसियों की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।

आरोपियों से लाखों रुपये बरामद

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान विभिन्न आरोपियों से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की गई है। इनमें अविनाश शुक्ला से सबसे अधिक 20.39 लाख रुपये, करुणेश पांडे से 18.07 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये, रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपये तथा रमाशंकर यादव उर्फ टीनू से एक लाख रुपये बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह रकम कथित तौर पर मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी है या नहीं तथा धन के इस्तेमाल और लेनदेन का पूरा नेटवर्क क्या था।

जांच के नतीजों पर टिकी नजर

राम मंदिर से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। पुलिस, आर्थिक अपराध शाखा और अन्य एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। फिलहाल मामले में जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

यहां भी पढ़ें-

भारत-जापान शिखर सम्मेलन 2026: AI, फार्मा और रक्षा सहयोग पर बड़े समझौते, पीएम मोदी और ताकाइची ने रिश्तों को दी नई दिशा?

योगी सरकार आने पर पकड़ी केंद्रीय योजनाओं ने रफ्तार: खाली सिलेंडरों के दौर से निकलकर अब होली-दिवाली पर मुफ्त रिफिल का तोहफा