लखनऊ में जनगणना-2027 की तैयारियों पर जोर: 7 से 21 मई तक चलेगा स्वगणना अभियान

लखनऊ। राजधानी में जनगणना-2027 की तैयारियों को सुव्यवस्थित, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से डीएम विशाख जी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 7 मई से 21 मई 2026 तक प्रस्तावित स्वगणना के प्रथम चरण की तैयारियों, कार्ययोजना और क्रियान्वयन से जुड़े प्रशासनिक व तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राकेश सिंह सहित जनगणना निदेशालय के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

हर नागरिक की भागीदारी पर जोर, विभागों में नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त

डीएम लखनऊ ने स्वगणना अभियान को सफल बनाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करना और जनगणना के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाना है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया कि उनके अधीन कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी अनिवार्य रूप से स्वगणना में भाग लें। इसके लिए हर विभाग में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो कर्मचारियों को प्रक्रिया से अवगत कराते हुए तय समयसीमा में कार्य पूर्ण कराएंगे।

नगर निगम के 110 वार्डों में पार्षदों का होगा प्रशिक्षण

बैठक में नगर निगम को निर्देशित किया गया कि जनपद के सभी 110 वार्डों के पार्षदों का चरणबद्ध प्रशिक्षण कराया जाए। प्रशिक्षण में स्वगणना की प्रक्रिया, पोर्टल और ऐप के उपयोग, डेटा सुरक्षा और नागरिकों को मार्गदर्शन देने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। उद्देश्य यह है कि पार्षद अपने-अपने वार्डों में जनजागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर फोकस

शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को स्वगणना के महत्व और प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए कार्यशालाएं, गोष्ठियां और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा वर्ग इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा सके।

कॉलोनियों और सोसाइटी में विशेष अभियान, घर-घर पहुंचेगी टीम

डीएम लखनऊ विशाख जी ने सरकारी कॉलोनियों, आवासीय परिसरों और हाउसिंग सोसाइटी में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके लिए अलग-अलग टीमें गठित कर घर-घर संपर्क किया जाएगा और नागरिकों को स्वगणना में तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

एलईडी स्क्रीन, पीए सिस्टम और सिनेमा हॉल के जरिए होगा व्यापक प्रचार

जनजागरूकता बढ़ाने के लिए नगर निगम की एलईडी स्क्रीन, आईटीएमएस के पीए सिस्टम, प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और बाजारों में स्वगणना से जुड़े संदेशों का प्रसारण किया जाएगा। साथ ही मल्टीप्लेक्स और सिनेमा हॉल में फिल्मों से पहले जागरूकता संदेश दिखाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने के निर्देश

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को अभियान से जोड़ा जाए, ताकि इनके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को स्वगणना के लिए प्रेरित किया जा सके। साथ ही पीएसयू, आईएमए, आईआईए, व्यापारिक संगठनों, आरडब्ल्यूए और स्वयंसेवी संस्थाओं के जरिए भी व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रचार-प्रसार में मीडिया और सोशल मीडिया की अहम भूमिका

अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, पोस्टर, पंपलेट और बैनरों का व्यापक उपयोग करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि संदेश को अधिक प्रभावी ढंग से जनसामान्य तक पहुंचाने के लिए सभी माध्यमों का समन्वित उपयोग किया जाए।

प्रशिक्षण और कार्यों की होगी दैनिक मॉनिटरिंग

अभियान की प्रगति और प्रशिक्षण की गुणवत्ता की निगरानी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी और नगर निगम क्षेत्र में अपर जिलाधिकारी व अपर नगर आयुक्त को प्रतिदिन निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उपस्थिति और तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

पारदर्शिता और समन्वय के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना-2027 के इस महत्वपूर्ण कार्य को शासन की मंशा के अनुरूप पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और बेहतर समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से संपन्न कराया जाए।