
मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी। मोहम्मदी-गुलौली रोड पर उमा देवी चिल्ड्रन एकेडमी पब्लिक स्कूल की ओर जाने वाले मार्ग पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सड़क के दोनों ओर दुकानों और अस्थायी कब्जों के चलते मार्ग लगातार संकरा होता जा रहा है, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बन रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार गुलौली रोड से कुछ दूरी पर दशमेश मेडिकल स्टोर के सामने तहसील की सरकारी भूमि पर दुकानों के संचालन को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। इसी क्षेत्र के पास फायर ब्रिगेड का कार्यालय और उसका परिसर स्थित है। लोगों का कहना है कि फायर ब्रिगेड क्षेत्र के आसपास अतिक्रमण बढ़ने से आपात स्थिति में दमकल वाहनों के आवागमन में परेशानी हो सकती है।
स्कूल और एंबुलेंस को हो रही परेशानी
अतिक्रमण और जाम का सबसे अधिक असर स्कूल वाहनों, एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक जाम के कारण स्कूली बच्चों की आवाजाही प्रभावित होती है। वहीं, मरीजों को लेकर जाने वाली एंबुलेंस को भी कई बार संकरे रास्ते से निकलने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
लोगों का कहना है कि सड़क के दोनों ओर अनियंत्रित तरीके से दुकानें और अस्थायी ठेले लगने से यातायात के लिए उपलब्ध जगह कम होती जा रही है। इससे पैदल राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सरकारी भूमि पर दुकानें लगाए जाने के कारण आम लोगों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रास्ते और सरकारी जमीन किसी व्यक्ति विशेष की निजी संपत्ति नहीं हैं। ऐसे में प्रशासन को मामले की जांच कर सरकारी भूमि की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने तहसील प्रशासन से मांग की है कि सरकारी भूमि और फायर ब्रिगेड क्षेत्र के आसपास किए गए अतिक्रमण को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात व्यवस्था को सुचारु कराया जाए, ताकि फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को किसी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण की समस्या का समाधान नहीं किया गया और भविष्य में किसी आपात स्थिति के दौरान दमकल या एंबुलेंस को रास्ता मिलने में देरी हुई तो गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में प्रशासन से समय रहते प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।