
लखनऊ। Mohan Singh Chahar ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद Ranveer Prasad को पत्र भेजकर गेहूं खरीद व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाई है। किसान नेता ने प्रतिदिन गेहूं खरीद की सीमा 300 कुंतल से बढ़ाकर 500 कुंतल किए जाने, आई स्कैन व्यवस्था समाप्त कर अंगूठा आधारित सत्यापन लागू करने तथा खरीद केंद्रों पर बेहतर गुणवत्ता वाली ई-पॉप मशीन उपलब्ध कराने की मांग की है।
मोहन सिंह चाहर ने कहा कि वर्तमान में एक दिन में 300 कुंतल गेहूं खरीद की सीमा किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। इससे न केवल किसानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है, बल्कि खरीद लक्ष्य भी समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि खरीद सीमा बढ़ाकर 500 कुंतल प्रतिदिन कर दी जाए तो किसानों को राहत मिलेगी और खरीद प्रक्रिया भी तेज होगी।
किसान नेता ने आई स्कैन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया व्यावहारिक नहीं है और इससे किसानों तथा खरीद केंद्र प्रभारियों दोनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि लगातार आई स्कैन कराने से आंखों पर प्रतिकूल असर पड़ता है और प्रक्रिया में अधिक समय लगने के कारण खरीद कार्य प्रभावित होता है।
उन्होंने बताया कि जिन किसानों की आंखों का ऑपरेशन हो चुका है, उनका आई स्कैन कई बार सफल नहीं हो पाता, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे किसानों को घंटों केंद्रों पर इंतजार करना पड़ता है। मोहन सिंह चाहर ने सुझाव दिया कि आई स्कैन की जगह अंगूठा आधारित सत्यापन प्रणाली लागू की जाए, जिससे खरीद प्रक्रिया अधिक सरल और तेज हो सके।
इसके साथ ही उन्होंने खरीद केंद्रों पर उपयोग में लाई जा रही ई-पॉप मशीनों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मौजूदा मशीनें बार-बार बंद हो जाती हैं या ठीक से काम नहीं करतीं, जिससे ऑनलाइन खरीद प्रक्रिया बाधित होती है और किसानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से उच्च गुणवत्ता वाली मशीनें उपलब्ध कराने की मांग की है।
मोहन सिंह चाहर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद से किसान हित में इन सुझावों को जल्द लागू करने की अपील की है, ताकि गेहूं खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाया जा सके।