NEET Paper Leak Protest के बीच CJP प्रतिनिधिमंडल से जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की 2 घंटे बैठक हुई। शनिवार को फिर होगी बातचीत। जानिए सोनम वांगचुक के अनशन और छात्रों की मांगों का पूरा अपडेट।

नई दिल्ली/अमर भारती। NEET Paper Leak Protest: नीट परीक्षा में कथित धांधली और परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब लगातार बड़ा होता जा रहा है। छात्रों और प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के बीच बातचीत का दौर शुरू हो गया है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP प्रतिनिधिमंडल के साथ अहम बैठक की।
विट्ठल पटेल हाउस में करीब दो घंटे चली बैठक
CJP प्रतिनिधिमंडल और केंद्र सरकार के बीच यह बैठक विट्ठल पटेल हाउस में करीब दो घंटे तक चली। बैठक में परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, कथित पेपर लीक, छात्रों की समस्याओं और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि CJP प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इसके अलावा परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर पांच महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। नड्डा ने कहा कि सरकार ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से रखे गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना है। अब सरकार इन मांगों और सुझावों पर आपस में चर्चा करेगी।
शनिवार को फिर होगी सरकार और CJP की बैठक
जेपी नड्डा ने बताया कि सरकार और CJP प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत अभी पूरी नहीं हुई है। दोनों पक्षों के बीच शनिवार दोपहर एक बार फिर बैठक होगी। इस दौरान सरकार प्रतिनिधिमंडल को अपनी ओर से जवाब देगी। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि वह CJP की मांगों और परीक्षा सुधार से जुड़े सुझावों पर विचार करने के बाद अपना पक्ष रखेगी। ऐसे में शनिवार की बैठक को इस पूरे आंदोलन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
CJP ने रखी थीं दो अहम शर्तें
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के साथ बातचीत को लेकर दो प्रमुख शर्तें रखी थीं। संगठन की पहली मांग थी कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और आंदोलनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए। दूसरी मांग थी कि NEET पेपर लीक और कथित परीक्षा अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए।
हालांकि, CJP अब भी अपनी सबसे प्रमुख राजनीतिक मांग पर कायम है। संगठन लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। CJP का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के लिए सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। बैठक में CJP की ओर से मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका शामिल हुए। दोनों नेताओं ने सरकार के सामने आंदोलन से जुड़े मुद्दों और परीक्षा सुधार को लेकर संगठन का पक्ष रखा।
26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपनी 26 दिन लंबी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। वह परीक्षा सुधार, छात्रों की सुरक्षा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई के विरोध में लगातार अनशन पर बैठे थे। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह देर रात गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इस दौरान सरकार की ओर से उन्हें लिखित आश्वासन सौंपा गया।
इसके बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर अपना अनशन खत्म नहीं किया। उनके मुताबिक, सरकार की ओर से लिखित दस्तावेज मिलने के बाद ही उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त करने का फैसला किया।
लिखित आश्वासन बना बातचीत का सबसे अहम मुद्दा
सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि उनकी सबसे बड़ी चिंता प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर थी। उन्होंने कहा कि छात्रों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को किसी भी तरह की एफआईआर या कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े, यह उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण था।
वहीं, अब सरकार और CJP के बीच बातचीत का अगला दौर शनिवार को होने जा रहा है। सरकार की ओर से प्रतिनिधिमंडल की मांगों और परीक्षा सुधार के सुझावों पर क्या जवाब दिया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब केवल छात्रों के विरोध तक सीमित नहीं रहा है। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत शुरू होने के बावजूद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर गतिरोध अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
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