मेडिकल स्टोर में नाबालिग छात्रा मिलने से हड़कंप: बहला-फुसलाकर लाने और धर्मांतरण के प्रयास का आरोप, VHP-बजरंग दल ने दी चेतावनी

पंकज चतुर्वेदी

बाराबंकी। रामनगर थानाक्षेत्र की सुढ़ियामऊ पुलिस चौकी के निकट चौराहे पर संचालित एक मेडिकल स्टोर में मंगलवार को पुलिस की छापेमारी के दौरान स्कूली ड्रेस में एक नाबालिग छात्रा के मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके से छात्रा के साथ मेडिकल स्टोर संचालक के रिश्तेदार को भी हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। घटना के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मेडिकल स्टोर संचालक के रिश्तेदार पर नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर ले जाने, शोषण करने और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

कार्यकर्ताओं ने थाने में दी तहरीर, गुप्त स्थान बनाए जाने का आरोप
विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं राहुल वर्मा, विनय, तुषार तिवारी, श्रीकांत मिश्रा, त्रिभुवन मौर्य, श्याम उपाध्याय समेत दर्जनों लोगों ने मंगलवार को पुलिस को तहरीर दी। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि सुढ़ियामऊ चौराहे पर संचालित मेडिकल स्टोर के पीछे एक गुप्त स्थान बनाया गया है, जहां कथित तौर पर नाबालिग छात्राओं को ले जाया जाता है। कार्यकर्ताओं ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

सूचना पर पहुंची पुलिस, छात्रा और युवक को लिया हिरासत में

बताया गया कि मंगलवार सुबह एक नाबालिग छात्रा के मेडिकल स्टोर में पहुंचने की सूचना स्थानीय पुलिस को मिली। सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मेडिकल स्टोर में छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, मौके पर एक नाबालिग छात्रा और मेडिकल स्टोर संचालक ग्राम सिहाली निवासी सिराजुद्दीन का भतीजा मोहम्मद फैज पुत्र रियाजुद्दीन मिला। पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि छात्रा मेडिकल स्टोर के भीतर आपत्तिजनक परिस्थितियों में मिली थी।

बहला-फुसलाकर लाने और धर्मांतरण के प्रयास का आरोप

बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मेडिकल स्टोर पर नाबालिग छात्राओं को बहला-फुसलाकर बुलाया जाता है और उनके शोषण के साथ कथित तौर पर प्रलोभन तथा ब्रेनवाश के जरिए धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया जाता है। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि मंगलवार को भी एक नाबालिग छात्रा को मेडिकल स्टोर पर बुलाया गया था। कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

मेडिकल स्टोर के पंजीकरण को लेकर भी उठाए सवाल

कार्यकर्ताओं ने मेडिकल स्टोर के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि संचालित मेडिकल स्टोर का पंजीकरण नहीं है और यहां कथित रूप से नाबालिग छात्राओं को बहला-फुसलाकर लाया जाता है। तहरीर में लगाए गए सभी आरोपों की पुलिस के साथ संबंधित विभागों से भी जांच कराने की मांग की गई है, ताकि मेडिकल स्टोर के संचालन और वहां होने वाली गतिविधियों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

सभी बिंदुओं पर होगी जांच

मामले को लेकर कोतवाल का कहना है कि पुलिस को तहरीर प्राप्त हुई है। तहरीर में लगाए गए सभी आरोपों और घटनाक्रम के प्रत्येक बिंदु की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।

48 घंटे में कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन की चेतावनी

उधर, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन को 48 घंटे के भीतर प्रभावी कार्रवाई किए जाने का अल्टीमेटम दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो हजारों कार्यकर्ताओं के साथ थाने का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होने की बात कही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता तथा आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।