
लखनऊ। इसाबेला थोबर्न कॉलेज में मंगलवार को संस्थापक दिवस समारोह का भव्य आयोजन कॉलेज के सभागार में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय अध्यक्ष डॉ. ईएस चार्ल्स के संरक्षण में हुआ। समारोह के माध्यम से भारत में महिला शिक्षा की अग्रणी हस्ती और कॉलेज की संस्थापक मिस इसाबेला थोबर्न की गौरवशाली विरासत, दूरदृष्टि और शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. (मेजर) नीरजा मसीह, संकाय सदस्य, सम्मानित अतिथि, प्रख्यात पूर्व छात्राएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
संस्थापक दिवस समारोह की शुरुआत कार्यवाहक प्राचार्या, संकाय सदस्यों और छात्राओं द्वारा निशातगंज कब्रिस्तान पहुंचकर मिस इसाबेला थोबर्न सहित अन्य दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद सभी सभागार में आयोजित मुख्य समारोह में शामिल हुए। कॉलेज के गायन समूह ने इस अवसर पर मिस थोबर्न से जुड़े लोकप्रिय भजनों “मेक मी अ ब्लेसिंग” और “कम दाऊ फाउंट ऑफ एवरी ब्लेसिंग” की मनमोहक प्रस्तुति दी। भजनों की प्रस्तुति ने समारोह के वातावरण को भावपूर्ण और आध्यात्मिक बना दिया।
नाटक में दिखाई गई इसाबेला थोबर्न की प्रेरणादायी यात्रा
समारोह का प्रमुख आकर्षण बी.एड. विभाग द्वारा प्रस्तुत नाटक रहा। नाटक के माध्यम से मिस इसाबेला थोबर्न के जीवन, उनके संघर्ष, महिला शिक्षा के प्रति समर्पण और भारत में शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति ने छात्राओं और उपस्थित अतिथियों को उनकी प्रेरणादायी यात्रा से परिचित कराया तथा यह संदेश दिया कि शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में दूरदृष्टि एवं समर्पण के साथ किए गए प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी विरासत बन जाते हैं।

पांच प्रतिष्ठित पूर्व छात्राओं का किया गया सम्मान
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण कॉलेज की पांच प्रतिष्ठित पूर्व छात्राओं का अभिनंदन रहा। पेशेवर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने और समाज में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली पूर्व छात्राओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित पूर्व छात्राओं में डॉ. स्नेहलता टेवारसन, पैथोलॉजी विभाग; श्रीमती संध्या तिवारी रॉबर्ट्स, शिक्षक, हिन्दी विभाग; प्रो. फरज़ाना मेहंदी, उपकुलपति, एरा विश्वविद्यालय; डॉ. (मेजर) नीरजा मसीह, कार्यवाहक प्राचार्या, इसाबेला थोबर्न कॉलेज तथा श्रीमती करुणा मसीह, कार्यवाहक प्राचार्या, इसाबेला थोबर्न इंटरमीडिएट कॉलेज शामिल रहीं।
सम्मान प्राप्त करने वाली पूर्व छात्राओं ने कॉलेज में बिताए अपने छात्र जीवन की स्मृतियों और अनुभवों को भावुकता के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज में प्राप्त शिक्षा, संस्कार और मूल्यों ने उनके व्यक्तित्व एवं व्यावसायिक जीवन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने छात्राओं को कॉलेज के आदर्श वाक्य ‘हम देने के लिए पाते हैं’ को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। पूर्व छात्राओं ने कहा कि विद्यार्थियों को कॉलेज और समाज से जो कुछ भी प्रचुर मात्रा में प्राप्त हुआ है, उसे आगे समाज की सेवा और जरूरतमंदों की सहायता के माध्यम से लौटाने का प्रयास करना चाहिए।
संस्थापक के आदर्शों को अपनाने का आह्वान
समारोह के समापन अवसर पर महाविद्यालय अध्यक्ष डॉ. ईएस चार्ल्स ने प्रेरणादायी संदेश दिया। उन्होंने छात्राओं को मिस इसाबेला थोबर्न के आदर्श मूल्यों, सिद्धांतों और महिला शिक्षा के प्रति उनके समर्पण से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्थापक द्वारा स्थापित आदर्श केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आज की पीढ़ी के लिए भी मार्गदर्शक हैं। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा के साथ सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। अंत में उन्होंने सभी अतिथियों, पूर्व छात्राओं, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी को धन्यवाद दिया।