
लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों और नियुक्ति की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। केकेसी स्थित दीनदयाल उपाध्याय पार्क से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी विधानसभा घेराव के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद अभ्यर्थी सड़क किनारे बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने बाद में प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर ईको गार्डन स्थित धरना स्थल भेज दिया।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से कराई जाए। उनका कहना है कि 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों के चलते जिन अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है, उन्हें न्याय दिलाने के लिए सरकार प्रभावी कदम उठाए। अभ्यर्थियों ने सरकार से यह भी मांग की कि 6800 अभ्यर्थियों की सूची में शामिल अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ किया जाए और सुप्रीम कोर्ट में सरकार उनकी ओर से मजबूती से पक्ष रखे।
2018 में शुरू हुई थी भर्ती प्रक्रिया, हाई कोर्ट के फैसले के बाद भी नियुक्ति का इंतजार
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने कहा कि 69000 शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया वर्ष 2018 में शुरू हुई थी। उनका आरोप है कि भर्ती का परिणाम आने के बाद आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ व्यापक स्तर पर अन्याय हुआ और बड़ी संख्या में पात्र अभ्यर्थी नौकरी पाने से वंचित रह गए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों ने लंबे समय तक आंदोलन किया और न्यायिक प्रक्रिया का भी सामना किया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2024 को लखनऊ हाई कोर्ट की डबल बेंच ने फैसला सुनाते हुए नियमों के अनुसार अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने का आदेश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट में लंबित है मामला, 8 सितंबर को सुनवाई
अमरेंद्र पटेल के मुताबिक, हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ कुछ सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसके बाद से यह मामला शीर्ष अदालत में लंबित है। अब इस प्रकरण में 8 सितंबर को सुनवाई होनी है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में उनका मजबूती से पक्ष रखे, ताकि लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिल सके।
6800 अभ्यर्थियों की सूची जारी होने के बावजूद नहीं मिली नियुक्ति
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ने 69000 शिक्षक भर्ती में सामने आई विसंगतियों को दूर करने के लिए 6800 अभ्यर्थियों की एक सूची जारी की थी। हालांकि, सूची जारी होने के बावजूद उसमें शामिल अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल सकी है। इसी मुद्दे को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट में 6800 सूची में शामिल अभ्यर्थियों का बचाव करना चाहिए और उनकी नियुक्ति सुनिश्चित कराने के लिए प्रभावी पैरवी करनी चाहिए।
बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रहे मौजूद
बुधवार के प्रदर्शन में अवनीश यादव, यशवंत यादव, विक्रम यादव, अमित मौर्य और भोला अंबेडकर समेत बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को ईको गार्डन भेजे जाने के बाद भी अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही।