रामनगर चौराहे पर तीन घंटे चला हंगामा: अंतिम संस्कार में जाने से रोके गए सपा नेता, पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद सड़क पर धरना

एसपी शुक्ला

बाराबंकी। जनपद गोंडा के साहपुर धनावा निवासी बर्तन व्यापारी विनोद साहनी की हत्या के बाद उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बाराबंकी के रामनगर चौराहे पर पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर रोक दिया। पुलिस की कार्रवाई से नाराज सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। करीब 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक पुलिस और सपा नेताओं के बीच आगे जाने को लेकर खींचतान चलती रही।

सपा के पूर्व एमएलसी एवं सपा पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप, गोंडा सदर से पूर्व प्रत्याशी सूरज सिंह, सपा जिला अध्यक्ष गोंडा अरशद खान, जिला उपाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव समेत दर्जनों कार्यकर्ता अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गोंडा जा रहे थे। रामनगर चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इससे नाराज नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। काफी देर तक समझाने के बावजूद जब नेता आगे बढ़ने पर अड़े रहे तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।

पुलिस को दरकिनार कर पैदल आगे बढ़े नेता, सीओ कार्यालय के सामने फिर रोका

एक समय सपा नेता पुलिस को दरकिनार कर पैदल ही आगे बढ़ने लगे, लेकिन क्षेत्राधिकारी कार्यालय के सामने पुलिस ने उन्हें दोबारा रोक लिया। इस दौरान पुलिस और नेताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद सपा नेता फिर सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से बातचीत के बाद नेताओं को बाराबंकी से गोंडा की ओर जाने की अनुमति दी, जिसके बाद उन्हें आगे ले जाया गया।

पूरे घटनाक्रम के दौरान करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के चलते सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ और कुछ समय के लिए जाम जैसी स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस की मौजूदगी में यातायात को धीमी गति से संचालित कराया जाता रहा।

कई वरिष्ठ सपा नेताओं को स्टेशन मोड़ पर हिरासत में लिया

इसी दौरान पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप, पूर्व मंत्री राकेश वर्मा, सदर विधायक धर्मराज यादव, रामनगर विधायक हाजी फरीद महफूज किदवई, सपा जिला अध्यक्ष हाफिज अयाज अहमद, प्रदेश सचिव डॉ. विकास यादव, सरताज अहमद, पूर्व सपा जिला अध्यक्ष बहराइच लक्ष्मी यादव, पूर्व प्रमुख मसोली यासिर अराफात किदवई और हसमत अली गुड्डू समेत कई नेताओं को स्थानीय पुलिस ने स्टेशन मोड़ पर रोककर हिरासत में ले लिया। बाद में सभी नेताओं को डाक बंगले ले जाया गया।

नेताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिलते ही स्थानीय सपा नेताओं में भी नाराजगी दिखाई दी। प्रभात सिंह, केडी खान, अमित सिंह आजाद, मोनू सिंह, कलीम किदवई, महमूद सिद्दीकी समेत तमाम सपा नेता डाक बंगले पहुंचे और हिरासत में लिए गए नेताओं का हालचाल लिया।

सपा नेताओं ने सरकार पर लगाए संवेदनहीनता के आरोप

पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप और राकेश वर्मा समेत सपा नेताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार संवेदनहीन हो चुकी है और अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे लोगों को भी रोका जा रहा है। नेताओं ने कहा कि सरकार लोकतंत्र के मूल्यों का हनन कर रही है और प्रदेश में आमजन खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है।

सपा नेताओं ने कहा कि जनपद सीतापुर में भी मौजूदा सरकार के एक कैबिनेट मंत्री को अपने कार्यकर्ताओं को छुड़ाने के लिए पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा था। उन्होंने कहा कि विनोद साहनी हत्याकांड में जब तक हत्यारों को सजा नहीं मिलती और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता नहीं दी जाती, तब तक समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। नेताओं ने दावा किया कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का काम करेगी।

सुरक्षा व्यवस्था में कई थानों की पुलिस रही तैनात

घटना को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई थानों की पुलिस को मौके पर तैनात किया। क्षेत्राधिकारी फतेहपुर जगतराम कनौजिया, कोतवाल रामनगर अरुण कुमार सिंह के साथ बदोसराय और मसौली थाने की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे नेताओं को समझाने का प्रयास किया और स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए लगातार निगरानी की।