
लखनऊ। लखनऊ के नए पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने कार्यभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजधानी की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि शासन और डीजीपी मुख्यालय की मंशा के अनुरूप लखनऊ में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना उनकी पहली जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने के साथ आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए अपराधों पर प्रभावी और त्वरित नियंत्रण स्थापित करेगी। उनका लक्ष्य राजधानी को सुरक्षित, भरोसेमंद और बेहतर कानून-व्यवस्था वाला शहर बनाना है।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
सीपी लखनऊ तरुण गाबा ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति जैसे अभियानों को पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा और महिलाओं से जुड़ी प्रत्येक शिकायत पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। महिला अपराधों की रोकथाम, पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस हर आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिलाओं के प्रति अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
साइबर ठगी पर सख्ती, जागरूकता और तकनीकी व्यवस्था होगी मजबूत
साइबर अपराधों को लेकर भी पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने स्पष्ट रणनीति सामने रखी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाव के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि लोग डिजिटल अपराधों के प्रति सतर्क रह सकें। साथ ही साइबर क्राइम से निपटने के लिए पुलिस की तकनीकी क्षमता को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों का पैसा जल्द से जल्द फ्रीज कराकर वापस दिलाने की प्रक्रिया को अधिक तेज और प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल सके।
अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी कड़ी नजर, कानून के दायरे में होगी हर कार्रवाई
पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने कहा कि पुलिस अपने सभी प्रोटोकॉल का पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ पालन करेगी। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों तथा भ्रामक खबरों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और ऐसे मामलों में तत्काल एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस का हर कदम कानून के दायरे में रहकर उठाया जाएगा। अपराध नियंत्रण, जनता की सुरक्षा और पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाना ही उनकी प्राथमिकता होगी, ताकि लखनऊ को एक सुरक्षित और भरोसेमंद शहर के रूप में और अधिक मजबूत बनाया जा सके।