
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिए अपने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के नाम का ऐलान कर दिया है। भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रस्ट की बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई।
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल रहे हैं। वह वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर भी रह चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड की कमान संभाली थी। अप्रैल/मई 2026 में वायुसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद अब उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक और संचालन संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है।
5,585 आवेदनों में से हुआ चयन
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए देशभर से 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के बाद उम्मीदवारों की संख्या घटाई गई और अंतिम रूप से तीन नामों का पैनल तैयार किया गया। इसके बाद ट्रस्ट ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई।
CEO के तौर पर मिश्रा मंदिर से जुड़े प्रशासनिक, संचालन और विकास कार्यों के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राम मंदिर परिसर का विस्तार और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह पद काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा?
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के अनुभवी फाइटर पायलट और वरिष्ठ कमांडर रहे हैं। उन्होंने वायुसेना में करीब चार दशक तक सेवा की। दिसंबर 1986 में उन्हें भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था।
अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस) के डिप्टी चीफ और इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइजेशन एंड ट्रेनिंग से जुड़ी वरिष्ठ जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।
मिश्रा नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला और एयर फोर्स एकेडमी, डुंडीगल के पूर्व छात्र हैं। इसके अलावा उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, मोंटगोमरी, अलबामा और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से भी प्रशिक्षण हासिल किया है।
3,000 घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के पास 3,000 घंटे से अधिक का फ्लाइंग एक्सपीरियंस है। अपने करियर में उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के फाइटर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं। सैन्य अभियानों और उच्च स्तर की कमान का उनका अनुभव अब राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक प्रबंधन में काम आएगा।
राम मंदिर प्रबंधन में बड़ी जिम्मेदारी
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के बीच ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पेशेवर और व्यवस्थित बनाने की दिशा में यह नियुक्ति की है। CEO के रूप में जितेंद्र मिश्रा मंदिर की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था के साथ-साथ विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।