आयुष बना रहमान फिर किया निकाह, जिम ट्रेनर पत्नी ने पहले जाल में फंसाया फिर चलाया धर्मांतरण का खेल?

Religious Conversion Case, Conversion Controversy, Interfaith Marriage
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नई दिल्ली/अमर भारती। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में धर्म परिवर्तन और अंतरधार्मिक विवाह से जुड़ा एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले में युवक के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार, शामली के मोहल्ला काजीवाड़ा निवासी आयुष मलिक ने कथित तौर पर इस्लाम धर्म स्वीकार करने के बाद अपना नाम बदल लिया और चांदनी कुरैशी नामक युवती से विवाह कर लिया।

पिता ने धर्म परिवर्तन को बताया साजिश

युवक के पिता देवराज ने इस पूरे घटनाक्रम को एक सुनियोजित साजिश बताते हुए पुलिस को शिकायत दी है। उनका आरोप है कि उनके बेटे को प्रभाव में लेकर धर्म परिवर्तन कराया गया तथा परिवार की करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा करने की मंशा से यह पूरा प्रकरण रचा गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि युवक को धमकियां दी गईं और उस पर दबाव बनाया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन मौलानाओं, युवती चांदनी, उसके पिता समेत कुल 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए चांदनी और उसके पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

10 नामजद आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा

युवक के पिता देवराज का कहना है कि उनका बेटा एक सुनियोजित जाल में फंस गया है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि वह अपने बेटे से संपर्क स्थापित करने और उसे परिवार के साथ जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उनका दावा है कि परिवार को बेटे के व्यवहार में बदलाव के बाद इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

दूसरी ओर, मामले में नाम आने के बाद कुछ धार्मिक प्रतिनिधियों ने कहा है कि धर्म परिवर्तन किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत इच्छा का विषय होता है और इसमें किसी प्रकार का दबाव नहीं होना चाहिए। उनका कहना है कि यदि दोनों पक्ष बालिग हैं और उन्होंने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए विवाह किया है, तो इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह ने बताया कि विवाह से जुड़े दस्तावेजों, धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया और शिकायत में लगाए गए आरोपों की बारीकी से जांच की जा रही है।

चांदनी और उसके पिता से पूछताछ जारी

इस मामले को लेकर जिले में सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं। हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने शामली रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन कर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और ज्ञापन सौंपा गया।

हिंदू रक्षा दल ने किया जोरदार प्रदर्शन

वहीं संगठन के कुछ पदाधिकारियों ने मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए गए। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, आयुष और चांदनी की मुलाकात एक जिम में हुई थी, जहां दोनों के बीच परिचय बढ़ा और बाद में उन्होंने विवाह कर लिया। हालांकि इस पूरे मामले में विभिन्न पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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