Share Market Today: ग्लोबल तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट जारी है। सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा टूटा, जबकि निफ्टी भी 24,000 के स्तर से नीचे कारोबार करता दिखा।

नई दिल्ली/अमर भारती। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन घरेलू बाजार के दोनों प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ खुले। एशियाई बाजारों में तेजी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार पर ग्लोबल टेंशन का दबाव साफ नजर आया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जारी चिंता और लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमलों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और महंगाई बढ़ने की आशंका का असर भी बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा है।
खुलते ही 300 अंक से ज्यादा फिसला सेंसेक्स
गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 76,755 के मुकाबले गिरावट के साथ 76,515 अंक पर खुला। कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया और सेंसेक्स करीब 300 अंक से ज्यादा टूटकर 76,344 के स्तर तक पहुंच गया। बाजार में गिरावट का असर शुरुआती कारोबार में व्यापक तौर पर दिखाई दिया। बीएसई लार्जकैप इंडेक्स के 30 शेयरों में से 24 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
निफ्टी भी 24,000 के स्तर से नीचे
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी गुरुवार को कमजोर शुरुआत के बाद लगातार दबाव में रहा। निफ्टी अपने पिछले कारोबारी बंद 23,996 के मुकाबले करीब 100 अंक नीचे 23,904 के स्तर पर खुला। इसके बाद बिकवाली बढ़ने से 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स 23,876 के स्तर तक फिसल गया। बाजार में गिरावट के चलते निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
बड़े शेयरों में भी बिकवाली का दबाव
शुरुआती कारोबार में लगभग सभी प्रमुख कैटेगरी में लाल निशान देखने को मिला। लार्जकैप शेयरों में इंडिगो, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और बजाज फाइनेंस जैसे बड़े शेयरों में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, मिडकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। हिंदुस्तान पेट्रोलियम, जीएमआर एयरपोर्ट्स, फीनिक्स लिमिटेड और पर्सिस्टेंट जैसे शेयरों में करीब 2 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली।
मिडिल ईस्ट तनाव ने बढ़ाई बाजार की चिंता
बाजार में लगातार जारी गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजहों में मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव शामिल है। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार जारी बयानबाजी और धमकियों ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगातार सख्त बयान सामने आ रहे हैं, तो दूसरी ओर ईरान भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दे रहा है। ऐसे में निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाते हुए सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
होर्मुज के बाद लाल सागर ने बढ़ाई मुश्किल
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पहले से बनी चिंता के बीच लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमलों ने वैश्विक तनाव को और बढ़ा दिया है। समुद्री मार्गों पर बढ़ती असुरक्षा का सीधा असर कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर पड़ रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से दुनिया भर में महंगाई का खतरा फिर बढ़ने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि इससे आयात बिल बढ़ सकता है और महंगाई पर दबाव बन सकता है।
निवेशकों की नजर अब ग्लोबल घटनाक्रम पर
मिडिल ईस्ट में तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता के बीच निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब अमेरिका-ईरान तनाव, होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर की स्थिति पर बनी हुई है। जब तक इन वैश्विक घटनाक्रमों को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका बनी हुई है। फिलहाल, गुरुवार के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही दबाव में नजर आए और बाजार की दिशा पर ग्लोबल घटनाक्रमों का असर साफ दिखाई दिया।
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