
सिंगाही (खीरी)। राज्य सरकार के गजट के अनुसार बढ़ाए गए गृहकर, जलकर, हाउस टैक्स और व्यापार कर सहित अन्य तमाम करों में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ शनिवार को कस्बे के सैकड़ों करदाताओं का गुस्सा फूट पड़ा। नागरिकों ने नगर पंचायत कार्यालय पर धरना दिया, जमकर नारेबाजी की और सड़कों पर पैदल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया।
कस्बे के नागरिक पहले ही नई टैक्स व्यवस्था को वापस लेने की मांग कर चुके थे और नगर पंचायत प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन अल्टीमेटम की अवधि खत्म होने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कदम न उठाए जाने पर आक्रोशित जनता सड़कों पर उतर आई।
प्रदर्शनकारी नागरिकों ने कहा कि शासन के जबरन थोपे गए टैक्स का बोझ उठाना आम जनता के बस की बात नहीं है। उन्होंने 2022-23 की पुरानी टैक्स व्यवस्था को बहाल करने की मांग की।
धरना स्थल पर नगर पंचायत प्रशासन के अधिशासी अधिकारी और अध्यक्ष के न पहुंचने से आक्रोश और बढ़ गया। भीड़ ने महारानी सूरत कुमारी रोड, बस स्टैंड और कस्बे की प्रमुख गलियों से होते हुए नगर पंचायत कार्यालय तक पैदल मार्च किया।
विरोध प्रदर्शन में पूर्व सभासद वाजिद हुसैन, सभासद दीपू सक्सेना, सूरज कनौजिया, अनुपम पंथ, आशीष भंडारी, नरपराज शाह सहित सैकड़ों करदाता मौजूद रहे।