Pune Ketan Agrawal Murder Case: मीडिया के सामने सिया गोयल का व्यवहार चर्चा में, पुलिस जांच में नए खुलासों का दावा

नई दिल्ली/अमर भारती। पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी सिया गोयल एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार चर्चा का विषय हत्या की जांच नहीं, बल्कि पुलिस हिरासत के दौरान मीडिया के सामने उनका कथित आपत्तिजनक व्यवहार है। जांच के सिलसिले में जब पुलिस सिया गोयल को उसके घर लेकर पहुंची, तब बाहर निकलते समय उसने कैमरों की ओर कथित तौर पर अश्लील इशारा किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद इसे लेकर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि वायरल वीडियो की जांच और उसके संदर्भ पर पुलिस की ओर से कोई अलग आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
पुलिस जांच के दौरान कैमरे में कैद हुई घटना
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को पुणे ग्रामीण पुलिस सिया गोयल को जांच के सिलसिले में मार्केट यार्ड स्थित उसके आवास लेकर गई थी। पुलिस टीम कथित तौर पर मामले से जुड़े कुछ साक्ष्य जुटाने और घटनाक्रम की पुष्टि करने के लिए वहां पहुंची थी।
घर से बाहर निकलते समय सिया गोयल ने काले रंग की टी-शर्ट पहन रखी थी और अपना चेहरा प्रिंटेड स्कार्फ से ढक रखा था। इसी दौरान वहां मौजूद मीडिया कर्मियों ने उनकी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया। वायरल वीडियो में वह कैमरों की ओर देखते हुए कथित रूप से आपत्तिजनक इशारा करती दिखाई देती हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद कई यूजर्स ने हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोपी के इस कथित व्यवहार की आलोचना की।
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे असंवेदनशील बताया, जबकि कुछ ने कहा कि जांच पूरी होने और अदालत के फैसले से पहले किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
क्या है पूरा केतन अग्रवाल हत्याकांड?
पुलिस के अनुसार, कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत 18 जून को पुणे के पास स्थित लोहगढ़ किले की पहाड़ी से गिरने के बाद हुई थी।
शुरुआत में इस घटना को दुर्घटना माना गया। पुलिस ने प्रारंभिक जानकारी के आधार पर आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया था, क्योंकि उस समय सिया गोयल ने दावा किया था कि केतन का पैर फिसलने से वह खाई में गिर गए।
हालांकि आगे की पूछताछ, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की दिशा बदलते हुए हत्या और आपराधिक साजिश के एंगल से जांच शुरू की।
पुलिस का दावा: पूछताछ में बदलते रहे बयान
जांच एजेंसियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान सिया गोयल के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों में कथित तौर पर कई विरोधाभास सामने आए। इसके बाद पुलिस को संदेह हुआ कि मामला केवल दुर्घटना का नहीं हो सकता।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर सिया गोयल और चेतन चौधरी को हत्या तथा आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
शादी तय होने के बावजूद रिश्ते को लेकर जांच में सामने आए दावे
जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि सिया गोयल और केतन अग्रवाल की शादी दोनों परिवारों की सहमति से तय हो चुकी थी और नवंबर में विवाह प्रस्तावित था।
पुलिस के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि चेतन चौधरी और सिया गोयल के बीच कथित संबंध थे। पुलिस का आरोप है कि चेतन इस शादी से खुश नहीं था और वह केतन को अपने रिश्ते में बाधा मानता था। इसी वजह से दोनों ने कथित तौर पर साजिश रची।
यह पुलिस का जांच संबंधी दावा है, जिसकी पुष्टि अदालत में सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद होगी।
14 जून की घटना को लेकर भी पुलिस का दावा
पुलिस जांच में यह भी दावा किया गया है कि 14 जून को लोहगढ़ किले पर केतन अग्रवाल को कथित रूप से नुकसान पहुंचाने की पहली कोशिश की गई थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार, उस समय केतन झाड़ियों का सहारा लेकर बच गए थे। इसके बाद कथित तौर पर सांप देखने का बहाना बनाकर उनका ध्यान दूसरी ओर मोड़ा गया और स्थिति सामान्य होने का भरोसा दिलाया गया।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी न्यायालय में होनी बाकी है।
18 जून को कथित साजिश को अंजाम देने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि बाद में सिया गोयल ने केतन को दोबारा लोहगढ़ किले चलने के लिए तैयार किया। जांच एजेंसियों के अनुसार, वहां चेतन चौधरी भी पहुंच गया और दोनों ने कथित रूप से पीछे से धक्का देकर केतन को गहरी खाई में गिरा दिया।
पुलिस का कहना है कि इसी घटना में केतन अग्रवाल की मौत हुई। हालांकि आरोपियों का दोष या निर्दोष होना अदालत के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।
रिमांड बढ़ाने की तैयारी में पुलिस
दोनों आरोपियों को वडगांव कोर्ट में पेश किया जाना है। पुणे ग्रामीण पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ाने के लिए पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है।
वहीं बचाव पक्ष न्यायिक हिरासत की मांग कर सकता है। अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे का निर्णय करेगी।
डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों पर टिकी जांच
पुलिस अब मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), चैट हिस्ट्री, लोकेशन डेटा, डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटना से पहले आरोपियों के बीच किस प्रकार का संपर्क था और क्या किसी सुनियोजित साजिश के संकेत मिलते हैं।
अभी जांच जारी, अंतिम फैसला अदालत करेगी
केतन अग्रवाल हत्याकांड अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के चरण में है। पुलिस लगातार नए साक्ष्य जुटाने और सभी तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अन्य दावों की भी जांच की जा रही है। कानून के अनुसार, किसी भी आरोपी को तब तक दोषी नहीं माना जाता जब तक अदालत उसे दोषी करार न दे। ऐसे में इस मामले का अंतिम सच जांच पूरी होने और न्यायालय के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा। (Expose India)
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