श्रीनगर एयरपोर्ट पर Indigo की उड़ान 6E 225 पार्किंग के दौरान VDGS पोल के संपर्क में आ गई। सभी यात्री सुरक्षित हैं। एयरपोर्ट का 1,667 करोड़ रुपये से विस्तार होगा।

नई दिल्ली/अमर भारती। नवी मुंबई से श्रीनगर पहुंची इंडिगो की एक उड़ान शुक्रवार सुबह श्रीनगर एयरपोर्ट पर पार्किंग के दौरान विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम (VDGS) के पोल के संपर्क में आ गई। घटना के बाद विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। घटना के बावजूद श्रीनगर एयरपोर्ट का संचालन सामान्य रूप से जारी रहा।
पार्किंग के दौरान VDGS पोल के संपर्क में आया विमान
एयरपोर्ट प्राधिकरण (श्रीनगर एयरपोर्ट) के अनुसार, इंडिगो की उड़ान संख्या 6E 225 (VT-NOG) शुक्रवार सुबह करीब 9:02 बजे श्रीनगर एयरपोर्ट के बे नंबर छह पर पार्क की जा रही थी। इसी दौरान विमान का संपर्क विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम (VDGS) के पोल से हो गया। घटना के तुरंत बाद विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यात्रियों को विमान से उतारने के लिए मैनुअल एयरक्राफ्ट सीढ़ियों का इस्तेमाल किया गया। फिलहाल घटना में किसी यात्री या क्रू मेंबर के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। एयरपोर्ट प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि इस घटना का हवाईअड्डे के सामान्य संचालन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और उड़ानों का परिचालन जारी रहा।
जांच के बाद सामने आएगा हादसे का सही कारण
श्रीनगर एयरपोर्ट पर हुई इस घटना की परिस्थितियों और कारणों की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएगी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि पार्किंग के दौरान विमान VDGS पोल के संपर्क में किन परिस्थितियों में आया। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण और विमान को हुए संभावित नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए घटना के बाद विमान से सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारना प्राथमिकता रही। एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से स्थिति पर आवश्यक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।
1,667 करोड़ रुपये से होगा श्रीनगर एयरपोर्ट का विस्तार
इस घटना के बीच श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार से जुड़ी बड़ी खबर भी सामने आई है। आने वाले वर्षों में श्रीनगर एयरपोर्ट को बड़े पैमाने पर विकसित करने की योजना है। जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से गृह मंत्रालय को दी गई जानकारी के मुताबिक, श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सिविल एन्क्लेव के प्रस्तावित विस्तार पर करीब 1,667 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। इस विस्तार के बाद एयरपोर्ट की यात्री क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। मौजूदा सुविधाओं के मुकाबले भविष्य में श्रीनगर एयरपोर्ट हर साल करीब एक करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम हो सकेगा।
2031 तक पूरा करने का लक्ष्य
श्रीनगर एयरपोर्ट विस्तार परियोजना को वर्ष 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जम्मू-कश्मीर में पर्यटन और हवाई संपर्क के बढ़ते महत्व को देखते हुए इस परियोजना को अहम माना जा रहा है। श्रीनगर कश्मीर घाटी का प्रमुख हवाई संपर्क केंद्र है और हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ने से भविष्य में बढ़ते यात्री दबाव को संभालने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही बेहतर और आधुनिक एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन, कारोबार और कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
एक तरफ घटना, दूसरी तरफ बड़े विस्तार की तैयारी
श्रीनगर एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान के VDGS पोल के संपर्क में आने की घटना ने जहां एयरपोर्ट संचालन और विमान सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर 1,667 करोड़ रुपये के विस्तार प्रोजेक्ट ने भविष्य की तस्वीर भी सामने रख दी है।फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि घटना में विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। हादसे के वास्तविक कारण का पता संबंधित अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
श्रीनगर एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान की पार्किंग के दौरान हुई घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। वहीं, एयरपोर्ट के प्रस्तावित विस्तार से आने वाले वर्षों में इसकी क्षमता बढ़कर सालाना एक करोड़ यात्रियों तक पहुंचने की उम्मीद है।
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