UK Cabinet Reshuffle में PM Andy Burnham ने भारतीय मूल के Kanishka Narayan को AI Minister बनाया। Harpreet Uppal और Satveer Kaur को भी अहम जिम्मेदारियां मिलीं।

नई दिल्ली/अमर भारती। UK Cabinet Reshuffle: ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने अपनी नई सरकार में भारतीय मूल के सांसदों को अहम जिम्मेदारियां दी हैं। जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री बनने के बाद बर्नहैम ने मंत्रिमंडल और सरकार की प्रमुख जिम्मेदारियों में कई बदलाव किए हैं। इनमें भारतीय मूल के सांसद कनिष्का नारायण की नियुक्ति सबसे खास मानी जा रही है। उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी दी गई है और वे कैबिनेट में भी शामिल होंगे।
Kanishka Narayan बने ब्रिटेन के AI Minister
36 वर्षीय कनिष्का नारायण को 20 जुलाई 2026 को Minister of State for Artificial Intelligence नियुक्त किया गया। वे Cabinet Office और Department for Business, Innovation, Science and Trade के साथ मिलकर AI से जुड़े मामलों पर काम करेंगे। कनिष्का नारायण को जुलाई 2024 में Vale of Glamorgan सीट से सांसद चुना गया था। इससे पहले वह Department for Science, Innovation and Technology में Parliamentary Under-Secretary of State के रूप में काम कर चुके हैं। नई जिम्मेदारी के तहत वे ब्रिटेन की AI Policy, Technology Governance और सार्वजनिक सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से जुड़े मामलों में अहम भूमिका निभाएंगे।
बर्नहैम सरकार ने AI को सरकार की रणनीति के केंद्र में रखने के लिए एक नई AI Taskforce भी बनाई है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस टास्कफोर्स का नेतृत्व कनिष्का नारायण करेंगे और वे इसकी गतिविधियों के साथ-साथ कैबिनेट में भी भूमिका निभाएंगे।
फ्रंट बेंच में दो हिंदू और दो सिख सांसद
नई सरकार में भारतीय और दक्षिण एशियाई मूल के सांसदों की मौजूदगी को लेकर भी चर्चा हो रही है। बर्नहैम सरकार की फ्रंट बेंच में अब दो हिंदू और दो सिख सांसद शामिल हैं। श्रीलंकाई मूल की हिंदू सांसद उमा कुमारन को विदेश कार्यालय में जूनियर मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, दो महिला सिख सांसदों को भी सरकार की फ्रंट बेंच में अहम स्थान मिला है। यह नियुक्तियां ब्रिटेन की राजनीति में बढ़ती विविधता और भारतीय मूल के सांसदों की बढ़ती राजनीतिक भूमिका को दर्शाती हैं।
Harpreet Uppal को Assistant Whip की जिम्मेदारी
हरप्रीत उप्पल को नई सरकार में Assistant Whip नियुक्त किया गया है। उन्हें प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के साथ काम करने का पुराना अनुभव भी है। हरप्रीत उप्पल ने 2017 में Greater Manchester Mayoral Election Campaign के दौरान एंडी बर्नहैम के साथ काम किया था। वह Huddersfield संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व करती हैं। बर्नहैम के साथ उनके पुराने राजनीतिक संबंध और Greater Manchester से जुड़ा अनुभव उनकी नियुक्ति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Satveer Kaur को सुरक्षा और समानता मामलों की जिम्मेदारी
Southampton Test सीट से सांसद सतवीर कौर को भी बर्नहैम सरकार की फ्रंट बेंच में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। उनके माता-पिता का संबंध पंजाब से है और उन्होंने Southampton में साड़ी की दुकान चलाने का काम किया था। सतवीर कौर को Security, Violence Against Women and Girls और Equality से जुड़े मामलों की मंत्री बनाया गया है। उनकी जिम्मेदारी महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा की रोकथाम, सुरक्षा नीतियों और समानता से जुड़े मुद्दों पर सरकार के काम को आगे बढ़ाना होगी।
Lisa Nandy को कैबिनेट में बरकरार रखा गया
बर्नहैम ने पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के दौर की संस्कृति सचिव लिसा नंदी को उनके पद पर बनाए रखा है। कोलकाता में जन्मे दीपक नंदी की बेटी लिसा नंदी का जन्म मैनचेस्टर में हुआ था। एंडी बर्नहैम खुद Greater Manchester के लंबे समय तक मेयर रह चुके हैं। ऐसे में लिसा नंदी और बर्नहैम के बीच क्षेत्रीय जुड़ाव को भी उनकी नियुक्ति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Starmer के करीबी भारतीय मूल के दो चेहरे बाहर
बर्नहैम के मंत्रिमंडल में बदलाव के दौरान कीर स्टार्मर के करीबी माने जाने वाले कुछ नेताओं को सरकार से बाहर कर दिया गया है। इनमें भारतीय मूल की सीमा मल्होत्रा और प्रीत कौर गिल भी शामिल हैं। सीमा मल्होत्रा पहले Indo-Pacific Minister थीं, जबकि प्रीत कौर गिल Junior Health Minister के पद पर थीं। दोनों को अब बैकबेंच पर भेज दिया गया है।
दोनों नेताओं ने स्टार्मर के नेतृत्व के समर्थन में सार्वजनिक रूप से बयान दिए थे। ऐसे में बर्नहैम के सत्ता संभालने के बाद उनका सरकार से बाहर होना ब्रिटेन की लेबर पार्टी की आंतरिक राजनीति में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। एंडी बर्नहैम ने 20 जुलाई 2026 को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का पद संभाला। उनके मंत्रिमंडल में कई अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नई पीढ़ी और विविध पृष्ठभूमि से आने वाले सांसदों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। भारतीय मूल के सांसदों को मिली प्रमुख भूमिकाएं ब्रिटेन की राजनीति में बदलते सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों की ओर संकेत करती हैं।
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