26 जून को मनाई जाएगी निर्जला एकादशी: इस्कॉन मंदिर ने व्रत और पारण के समय की दी जानकारी

लखनऊ। इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने जानकारी देते हुए बताया कि 26 जून शुक्रवार को निर्जला एकादशी का पावन व्रत रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार सदैव द्वादशी प्रधान एकादशी का व्रत करना चाहिए। विशेष रूप से पांडव निर्जला एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं को बिना जल ग्रहण किए व्रत रखने का प्रयास करना चाहिए। हालांकि, यदि किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य अनुकूल न हो तो वह आवश्यकता अनुसार थोड़ा जल ग्रहण कर सकता है।

एक दिन पहले से करें मानसिक तैयारी

अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने बताया कि निर्जला एकादशी व्रत को सफलतापूर्वक करने के लिए श्रद्धालुओं को एक दिन पूर्व ही मानसिक रूप से स्वयं को तैयार कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकादशी व्रत का आरंभ ब्रह्म मुहूर्त से एक प्रहर पूर्व, यानी प्रातः 3:30 बजे से माना जाता है। इसलिए श्रद्धालुओं को इस समय के बाद जल ग्रहण नहीं करना चाहिए और पूर्ण श्रद्धा एवं नियमों के साथ व्रत का पालन करना चाहिए।

भक्तिमय कार्यों का मिलता है सौ गुना फल

अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने बताया कि निर्जला एकादशी के दिन किए गए भक्तिमय कार्यों का फल सामान्य दिनों की अपेक्षा 100 गुना अधिक प्राप्त होता है। इस कारण श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के नाम, रूप, गुण और लीलाओं का चिंतन करना चाहिए। साथ ही अधिक से अधिक नाम-जप, हरिनाम संकीर्तन, हरिकथा श्रवण तथा रात्रि जागरण जैसे आध्यात्मिक कार्यों में समय व्यतीत करना चाहिए। इससे व्रत का आध्यात्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

व्रत के पारण का समय भी है महत्वपूर्ण

अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने कहा कि एकादशी व्रत रखने के साथ-साथ अगले दिन निर्धारित समय पर उसका पारण करना भी अत्यंत आवश्यक है। शास्त्रों के अनुसार समय पर पारण किए बिना व्रत पूर्ण नहीं माना जाता। इसलिए श्रद्धालुओं को पारण के निर्धारित समय का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

व्रत पारण का समय

27 जून 2026, शनिवार को निर्जला एकादशी व्रत का पारण प्रातः 5:15 बजे से 9:51 बजे तक किया जा सकेगा। मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से श्रद्धा, भक्ति और नियमपूर्वक निर्जला एकादशी व्रत का पालन करने की अपील की है।