
अहमदाबाद: गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में समाजवादी पार्टी (सपा) को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पार्टी ने दो सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। गुजरात में भाजपा की मजबूत पकड़ के बावजूद सपा की यह जीत राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
मंगलवार को जारी मतगणना के परिणामों में समाजवादी पार्टी ने खासतौर पर पोरबंदर जिले की दो नगरपालिका सीटों पर कब्जा जमाया। शुरुआती रुझानों और अंतिम परिणामों में सपा उम्मीदवारों ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए अपनी जीत दर्ज की। यह जीत सपा के लिए गुजरात जैसे भाजपा के गढ़ में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस जीत पर खुशी जताते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत गुजरात में सपा की बढ़ती लोकप्रियता और संगठनात्मक ताकत को दर्शाती है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि गुजरात के निकाय चुनाव में सपा की जीत बेहद उत्साहजनक है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए शुभ संकेत बताया है।
गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में कुल 15 नगर निगमों और 84 नगरपालिकाओं समेत सैकड़ों सीटों पर मतदान हुआ था। इन चुनावों में भाजपा ने बहुमत हासिल करते हुए कई सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भी कुछ सीटें जीतने में सफल रही। हालांकि सपा की दो सीटों पर जीत को विपक्षी दलों के लिए एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गुजरात में सपा की यह जीत खासकर उन क्षेत्रों में यादव और अन्य पिछड़े वर्गों के बीच पार्टी की पैठ बढ़ाने का संकेत देती है। सपा ने गुजरात में अपना संगठन मजबूत करने के लिए पिछले कुछ वर्षों से लगातार प्रयास किए हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने कुटियाना सीट पर जीत हासिल की थी, जिसके बाद अब निकाय चुनाव में दो सीटों पर सफलता मिलना पार्टी के लिए प्रोत्साहन का विषय है।
सपा ने मुख्य रूप से पोरबंदर जिले की दो नगरपालिकाओं — कुटियाणा और राणावाव — में अच्छा प्रदर्शन किया। इन क्षेत्रों में सपा उम्मीदवारों ने स्थानीय मुद्दों, जातीय समीकरणों और पिछड़े वर्गों के वोटों के सहारे जीत दर्ज की। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, खेड़ा जिले की काठलाल नगरपालिका में भी सपा ने एक या अधिक वार्डों में सफलता पाई।
सपा नेताओं ने दावा किया कि पार्टी गुजरात में भविष्य में और अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने और स्थानीय मुद्दों जैसे किसान, मजदूर और युवा बेरोजगारी पर ध्यान केंद्रित करेगी। इस जीत से सपा कार्यकर्ताओं में नया जोश देखा जा रहा है।