दुनिया पर मौसम का बड़ा संकट! 2026 में सुपर अलनीनो से सूखा, बाढ़ और कमजोर मानसून की आशंका

नई दिल्ली: भारत समेत पूरी दुनिया के लिए वर्ष 2026 मौसम के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। वैज्ञानिकों और मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस साल ‘सुपर अलनीनो’ का प्रभाव देखने को मिल सकता है, जिसके चलते कई देशों में रिकॉर्ड गर्मी, कमजोर मानसून, सूखा और बाढ़ जैसी गंभीर प्राकृतिक आपदाएं सामने आ सकती हैं। अमेरिका की National Oceanic and Atmospheric Administration (NOAA) के क्लाइमेट प्रेडिक्शन सेंटर ने अपने ताजा पूर्वानुमान में कहा है कि अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच सुपर अलनीनो बनने की सबसे ज्यादा संभावना है।

विशेषज्ञों के मुताबिक अलनीनो प्रशांत महासागर के सतही तापमान में असामान्य वृद्धि की स्थिति होती है, जिसका असर दुनिया भर के मौसम पैटर्न पर पड़ता है। जब यह प्रभाव बेहद मजबूत हो जाता है तो इसे ‘सुपर अलनीनो’ कहा जाता है। इसका सीधा असर भारत के मानसून पर भी देखने को मिलता है।

India Meteorological Department (IMD) पहले ही इस बात की आशंका जता चुका है कि अलनीनो के कारण भारत में मानसूनी बारिश सामान्य से कम हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो कृषि क्षेत्र पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि देश की बड़ी आबादी खेती और मानसून पर निर्भर है। बारिश कम होने से फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है और जल संकट भी गहरा सकता है।

वहीं दुनिया के अन्य हिस्सों में अलनीनो के कारण भारी बारिश, बाढ़, जंगलों में आग और तापमान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन पहले ही मौसम की चरम घटनाओं को बढ़ा रहा है और ऐसे में सुपर अलनीनो स्थिति को और गंभीर बना सकता है।

विशेषज्ञों ने सरकारों और लोगों से समय रहते तैयारी करने की अपील की है। जल संरक्षण, कृषि प्रबंधन और आपदा तैयारियों को मजबूत करने की जरूरत बताई जा रही है। आने वाले महीनों में मौसम एजेंसियों की रिपोर्ट पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी, क्योंकि इसका असर करोड़ों लोगों की जिंदगी और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।