फिलीपींस के मिंडानाओ में 7.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, 32 लोगों की मौत

दिल्ली-एनसीआर: 8 जून 2026 को स्थानीय समय सुबह करीब 7:37 बजे फिलीपींस के दक्षिणी हिस्से मिंडानाओ क्षेत्र में एक शक्तिशाली 7.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र सारंगानी प्रांत  के तट से लगभग 32 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में समुद्र में था, और यह 33 किलोमीटर की गहराई पर था। शुरुआत में कुछ रिपोर्ट्स में तीव्रता 7.0 बताई गई, लेकिन बाद में इसे 7.8 तय किया गया। यह भूकंप जेनरल सैंटोस शहर और आसपास के इलाकों में बहुत तेज महसूस किया गया।

भूकंप का कारण

8 जून 2026 को फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में आए 7.8 तीव्रता वाले भूकंप का मुख्य कारण टेक्टॉनिक प्लेट्स की गति है। यह भूकंप कोटाबाटो ट्रेंच के साथ जुड़ी सबडक्शन  प्रक्रिया के कारण हुआ। यह क्षेत्र अत्यधिक सक्रिय है, इसलिए यहां बार-बार भूकंप और सुनामी की आशंका रहती है। भूकंप की गहराई लगभग 33 किलोमीटर थी, जो इसे अपेक्षाकृत उथला बनाता है और इसलिए ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।यह प्राकृतिक प्रक्रिया है और फिलीपींस में ऐसे भूकंप आम हैं।

जान-माल का नुकसान

इस भूकंप में अब तक 19 से 32 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 134 से अधिक लोग घायल हुए हैं और कुछ लापता भी हैं। ज्यादातर मौतें इमारतों के ढहने और भूस्खलन के कारण हुईं। हजारों परिवार प्रभावित हुए और कई हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन आफ्टरशॉक्स के कारण इन्हें चुनौती मिल रही है।

क्षति और प्रभाव

भूकंप से कई इमारतें, स्कूल, पुल और जॉलीबी रेस्तरां जैसी व्यावसायिक इमारतें क्षतिग्रस्त या आंशिक रूप से ढह गईं। बिजली आपूर्ति बाधित हुई, और कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई। मिंडानाओ के कई हिस्सों में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई क्योंकि यह नए शैक्षणिक सत्र का पहला दिन था। जनरल सैंटोस शहर सहित कई जगहों पर भारी नुकसान की खबरें हैं। कुल क्षति का अनुमान 1 अरब पेसो से अधिक बताया जा रहा है।

सुनामी की चेतावनी

भूकंप के बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया, जापान और अन्य प्रशांत क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई। कुछ तटीय इलाकों में 1 मीटर तक की लहरें आईं। लोगों को ऊंचे इलाकों की ओर जाने की सलाह दी गई। बाद में चेतावनी हटा ली गई, लेकिन निगरानी जारी है।

सरकारी और बचाव प्रयास

राष्ट्रपति फर्डिनांड मार्कोस जूनियर ने प्रभावित इलाकों में कक्षाएं स्थगित कर दीं और सहायता भेजने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन परिषद (NDRRMC), सेना और फायर सर्विस की टीमें बचाव कार्य में लगी हैं। सैकड़ों आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए, जिनमें 6.5 तीव्रता वाला भी शामिल है। स्थिति अभी भी विकसित हो रही है और मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।