
श्रीनगर/जम्मू, 14 अप्रैल 2026: श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने आखिरकार लाखों श्रद्धालुओं की प्रतीक्षा समाप्त कर दी। अमरनाथ यात्रा 2026 की तारीखों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष की पावन तीर्थयात्रा 3 जुलाई 2026 (शुक्रवार) से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 (रक्षा बंधन के पावन अवसर) को समाप्त होगी।
कुल 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा बाबा बर्फानी (भगवान शिव) के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी।यात्रा के औपचारिक आरंभ से पहले प्रथम पूजा 29 जून 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन आयोजित की जाएगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, जो श्राइन बोर्ड के चेयरमैन भी हैं, ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इस बार यात्रा थोड़ी लंबी होने वाली है, जिससे अधिक श्रद्धालुओं को बाबा अमरनाथ के दर्शन का अवसर मिल सकेगा।
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया:
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुव्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए अग्रिम पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से ऑनलाइन (आधिकारिक वेबसाइट jksasb.nic.in) और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शुरू हो जाएगी। 13 से 70 वर्ष तक के श्रद्धालु यात्रा कर सकते हैं। स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र और सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
मुख्य जानकारियाँ:
- यात्रा की अवधि: 57 दिन (3 जुलाई से 28 अगस्त 2026)
- प्रथम पूजा: 29 जून 2026 (ज्येष्ठ पूर्णिमा)
- दोनों पारंपरिक मार्ग — बालटाल और पहलगाम — खुले रहेंगे
- हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध होंगी
- बेहतर सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाएं और सुव्यवस्थित लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था
श्रद्धालुओं से अपील
श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे समय से पहले रजिस्ट्रेशन कराएं और यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से यात्रा को सुगम और निर्बाध बनाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।अमरनाथ गुफा की पावन यात्रा भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक है और हर वर्ष हजारों भक्तों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है।